केसरिया बाजार में लग रही भीड़ प्रशासन मौन

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 असरफ आलम केसरिया(पूर्वी चंपारण)

                             


केसरिया में लॉकडाउन मजाक बन कर रह गया है।कहने को तो लॉकड़ाउन है। लेकिन नजारा देखने को अलग है। केसरिया बाजार में लगभग सभी दूकानों का सटर खोल बंद करने का शिलशिला आम हो गया है।बाजार के दूकानदारों ने यहां लॉकड़ाउन को मजाक बना कर रख दिया है। गौरतलब हो कि जिला प्रशासन के सख्त हिदायत के बाद भी बाजार में काफी भीड़ उमड़ रही है।किराना सामान के अलावा भी लोग अन्य सामान की खरीदारी भी धड़ल्ले से कर रहे हैं।ऐसा मानो कि यहां लॉकड़ाउन लगा ही ना हो। बहरहाल स्थानीय बाजार में प्रशासन की गाड़ी भी भीड़ को चिरते सड़क पर दौड़ रही लेकिन ग्रामीणों व दूकानदारो को कोई फर्क नहीं पड़ता है।एक तरफ प्रशासन लाठी चार्ज करती है तो ग्रामीण जनता उसे कहते हैं कि ज्यादती कर रही है।ज्ञात हो कि केसरिया के नगर प्रशासन कि कहानी भी काफी दिलचस्प है।दिखावे के लिए नगर में सामुदायिक किचन के शीवीर का शुभारंभ किया गया।और लगभग कर्मचारी इसमें व्यस्त हैं।इस संदर्भ में सिओ प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि कार्यपालक पदाधिकारी जय कुमार ने बताया कि यह नगर पंचायत हमारे अधिकार क्षेत्र में आता है।और इस जगह अंचल प्रशासन की कोई जरूरत नहीं है। वहीं यहां लॉकड़ाउन के नियम कि धज्जीया उड़ाते लोगों से ही कोरोना संक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है।अये दिन कोई न कोई मौत की नींद सो रहा है। स्थानीय बाजार में बढ़ते भीड़ और प्रशासनिक अधिकारी की चूप्पी कहीं ना कहीं कोरोना गाइडलाइंस के नियमों को ताख पर रख दिया है।