दो छात्राओं व एक बच्ची की मौत से मचा हड़कंप, जांच के लिए गई स्वास्थ्य विभाग की टीम को ग्रामीणों ने किया बैरंग वापस

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यूपी में कोरोना की दूसरी लहर पर नियंत्रण करने के दावे तो किए जा रहे हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाहियों का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि जनपद के एक गांव में बुखार से पीड़ित तीन छात्राओं ने दम तोड़ दिया। एक ही गांव में दो छात्राओं के साथ एक बच्ची की मौत से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव के लिए रवाना किया गया लेकिन ग्रामीणों में इस तरह रोष व्याप्त था कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बैरंग वापस भेज दिया ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम से जांच करवाने और दवाई लेने से साफ इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतक बच्चों के नाम पूछ कर 10 मिनट में ही गांव से खिसक गई। हालांकि स्वास्थ्य महकमे से लेकर जिले के प्रशासनिक अधिकारी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं।

Vo1- दरअसल जलालाबाद थाना क्षेत्र में स्थित गांव लहराबर में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की दो छात्राओं सहित एक बच्ची की रहस्यमई बीमारी से मौत हो जाने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। एक ही गांव में हुई 3 मौतों से प्रशासन ने आनन-फानन में डॉक्टरों की टीम को गांव के लिए रवाना किया।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंच कर जब संबंधित ग्रामीणों से छात्राओं एवं बच्ची की मौत का कारण जानना चाहा तो ग्रामीणों द्वारा रोष के कारण कोई संतुष्ट जवाब स्वास्थ्य विभाग की टीम को ना मिल सका। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने जांचे करवाने व दवाई लेने से भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को साफ इनकार कर दिया फिर क्या था स्वास्थ्य विभाग की टीम 10 मिनट गांव में रुकने के बाद ही मौके से रवाना हो गई।हालत यह है कि ग्रामीणों में अचानक हुई तीन मौतों से काफी रोष व्याप्त है वहीं शासन-प्रशासन के आला अधिकारी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं जबकि संबंधित सीएचसी प्रभारी भी लापरवाही को स्वीकार करते नजर आए उन्होंने ग्रामीणों द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम को बैरंग वापस भेजने की घटना को भी स्वीकार किया।अब सवाल यह उठता है कि क्या जागरूकता का अभाव या फिर प्रशासन की लापरवाही हालांकि एक ही गांव में 3 मौतें हो जाने से ग्रामीणों में  दहशत है ग्रामीण किसी भी तरह की सरकारी सुविधा गांव में उपलब्ध ना करवाए जाने का आरोप भी लगा रहे हैं और प्रशासन की लापरवाही को भी कसूरवार ठहरा रहे हैं।

बाइट-डॉ उमेन्द्र राठौर सीएचसी प्रभारी जलालाबाद शाहजहाँपुर

बाइट-भैया लाल पुर प्रधान एवं मृतक छात्रा के बाबा

बाइट-ग्रामीण