प्रताड़ना से की गई आत्महत्या के विरोध में दोषी अधिकारियों पर एफ आई आर दर्ज करने को लेकर सौंपा ज्ञापन

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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अधिकारी एवं कर्मचारियों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जनपद सीईओ एवं उपयंत्री द्वारा अधिकारियों की प्रताड़ना से की गई आत्महत्या के विरोध में दोषी अधिकारियों पर एफ आई आर दर्ज करने एवं  संयुक्त मोर्चा के समस्त संगठनों की अनारथिक मांगों की निराकरण 7  दिवस में किए  जाएं

 मध्य प्रदेश पंचायत ग्रामीण विकास विभाग मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा विभाग होने के नाते जनपद और जिले में पदस्थ संयुक्त मोर्चा के समस्त संगठनों के कर्मचारी एवं अधिकारी 52 हजार गांव में सरकार की लक्ष्यों की पूर्ति के लिए दिन रात एक करके मेहनत करते हैं वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे प्रशासन  के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रदेश सरकार की गुड लिस्ट में नंबर 1  बनने की होड़ में ग्राम पंचायत के सबसे छोटे कर्मचारी रोजगार सहायक से लेकर वरिष्ठ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जीत बीच का समस्त अमला प्रताड़ित और त्रस्त है खरगोन के भीमन गांव में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्वर्गीय  राजेश बाहेती एवं धार जिले के गंधवानी जनपद पंचायत में उपयंत्री के पद पर पदस्थ प्रवीण पंवार के वरिष्ठ की मानसिकता प्रताड़ना और अति कार्यभार एवं दबाव के कारण फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाए हैं जिससे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का संपूर्ण अमला स्तब्ध और दुखी है

 प्रताड़ना और अभियानों में मशीन की तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को  जोतने  का काम खरगोन और धार तक ही सीमित नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के 52  जिला मुख्यालय से प्रचलित और संचालित है

 कर्मचारी अल्प वेतन  मे और सेवाओं की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होने के बावजूद अपने जीवन का बहुत हिस्सा शासन प्रशासन के कार्यों में लगा रहा है वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समस्त कर्मचारियों की अनआर्थिक मांगों पर सरकार का ध्यान बार-बार आवेदन ज्ञापन के देने के बाद भी आकर्षित नहीं हो रहा है

 वरिष्ठओं की प्रताड़ना  का तत्काल रोक लगाना नितांत आवश्यक है अन्यथा इन कारणों से विभाग की गरिमा पर कालिख पोतना तय है

 वही इस ज्ञापन के साथ संयुक्त मोर्चा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के घटक संगठन प्रथक – प्रथक अनारथिक मांगे और प्रताड़ना से आत्महत्या का कदम उठाए जाने के बाद उजड़े परिवार के लिए संयुक्त मोर्चा 7  दिवस में निराकरण हेतु अपनी मांगे प्रस्तुत कर रहा है यदि मांगे 7 दिवस मे पूरी नहीं की गई तो संयुक्त मोर्चा बड़े आंदोलन पर जाएगा इसकी जवाबदारी शासन की होगी

इनकी मुख्य मांगे यह है की

 जिन्होंने आत्महत्या की है, जनपद सी ई ओ एवं उपयंत्री के परिजनों को शासन की ओर से  50 -50  लाख की सहायता प्रदान की जाए ।

 खरगोन एवं धार के पीड़ित करता अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया जाए एवं धार के जिला पंचायत C. E. O आशीष वशिष्ठ को बर्खास्त  किया जाए।

  पंचायत सचिव संगठन की मांग यह है कि छठवें वेतनमान का लाभ दिया जाए, समन्वयक अधिकारी के रिक्त समस्त 100 पदों पर पंचायत सचिवों की पदोन्नति की जाए।

 ग्राम रोजगार सहायक संगठन, मनरेगा कर्मचारी संगठन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी संगठन, जिला जनपद पंचायत कर्मचारी संघ, अभियंता संघ ने भी अपनी अपनी मांगे  रखे हैं।