मयूरभंज जिल्ला के दिव्यांग शिक्षा स्वयंसेवकों ने जिल्लपाल के जरिये मुख्य मंत्री को मांग पत्र सौंपा

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 मयूरभंज जिले के 55 दिव्यांग शिक्षा स्वयंसेवकों ने गुरुवार को जिलाधिकारी विनीत भारद्वाज से मुलाकात कर मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपे हैँ . दावे के अनुसार राज्य सरकार को मिन्नती करते हुए, 11 साल से विद्यालय और सार्वजनिक शिक्षा में अथक प्रयास करते आरहे इन दिब्यांगो ने आज अपने हक़ और अधिकार के लिये राज्य के मान्यबर मुख्यमंत्री को मिन्नती किये है. सचाई को सामने लाने की प्रयास मे अगर सरकार उनके मांग को सही ठेहराते हुए जल्द से जल्द फैसला ले सके इसके लिये एकजुट हो के जिल्ला प्रशासन को अवगत करावाया|

  उनलोगों के नौकरियों को नियमित नहीं किया जा रहा है. उन शब दिव्यांग शिक्षा स्वयंसेवकों का मासिक वेतन 4760 रुपये है.  इसे हर महीने उनको भुगतान करने के बजाय, यह हर छह महीने में एक बार मिल रहा है. सोचने वाली बात यह है के एक दिन का मजदूरी से इनलोगों का बेतन कम हो जाती है.  जिससे आज के महंगाई बाजार मे परिवार का  गुजारा करना मुश्किल हो रहा है |

 दिब्यांग विभाग का कानून के तहत भारत सरकार को छे साल के अंदर संविदात्मक से नियमित करने के बजाय साल में जानबुझ कर एक दिन की कटौती करते हुए नियमितता से वंचित करवा रहे है. नौकरी मे नियमितता , सरकारी नियमों के तहत बेतन मे ब्रद्धि, हर साल मे कटौती ना करने के लिये मांग पत्र मे लिखित रूप मे दिया गया. जिले के अंतरिम स्वयंसेवकों के अध्यक्ष अजीत कुमार महाकुड के नेतृत्व मे कार्यरत स्वयंसेवकों के साथ मांग पत्र सोम्पा गया है. देखना बाकी रहा के इनको  राज्य सरकार एहमियत देते हुए कोई कारवाई करेंगे या नहीं.