हत्या के एक मामले में न्याय की मांग को लेकर गांगपुर गांव के ग्रामीणों ने सामाहरणालय के पास दिया धरना

178

 हत्या के एक मामले में न्याय की मांग को लेकर गांगपुर गांव के ग्रामीणों ने समाहरणालय के पास एक दिवसीय धरना दिया। धरना के बाद ग्रामीणों ने एसपी राकेश रंजन व डीसी अंजली यादव को ज्ञापन देकर न्याय करने की गुहार लगाई है। एसपी व डीसी को दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया है कि बीते 12 जनवरी को गांगपुर गांव निवासी रंजीत कुमार गुप्ता की 16 वर्षीय पुत्री सुप्रिया रानी घर से लापता हो गई थी। 17 जनवरी को गांव से थोड़ी दूर पर एक तालाब के पास युवती का शव बरामद किया गया था।

   इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहुल यादव नामक एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लगभग तीन माह जेल में रहने के बाद राहुल जेल से बाहर आ गया। इसके बाद सिमरिया एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने मामले का सुपरविजन करते हुए राहुल कुमार का नाम केस से हटाते हुए गांगपुर गांव के ही मो शहाबुद्दीन, मो अजहर व मो शहजाद को युवती के हत्या में नामजद अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

  ग्रामीणों ने आवेदन में बताया है कि हत्या के मामले में जेल भेजा गया  मो अजहर 9 जनवरी से पत्र 15 जनवरी के बीच राउरकेला में था। इसके बावजूद उसका नाम एफआईआर में डाल दिया गया है। मो शहाबुद्दीन व मो शहजाद भी निर्दोष हैं। ग्रामीणों ने सिमरिया एसडीपीओ, सिमरिया  थाना प्रभारी व गिद्धौर थाना प्रभारी पर पक्षपात करने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने आवेदन की एक कॉपी डीआईजी डीजीपी व सीएम को भी भेजी है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने तथा निर्दोष जेल भेजे गए उपरोक्त तीनों युवकों को रिहा करने की मांग मांग किया है ।