मामा की सरकार विकाश के दावे कर रही। जमीनी स्तर पर हालात कुछ ओर बयां कर रहे।

मामा की सरकार विकाश के दावे कर रही।
जमीनी स्तर पर हालात कुछ ओर बयां कर रहे।

संवाददाता इदरीश विरानी दामजीपुरा

प्रदेश के शिवराज मामा सरकार द्वारा प्रदेश से लेकर गांव गांव विकाश यात्रा निकाल रही है।ओर विकाश के दावे कर रही, वैसे तो मॉडल आंगनवाड़ी का दम भर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों की बहुत बुरी गत है। ग्राम पंचायत दामजीपुरा के ग्राम भारगड़ की आंगनवाड़ी में आदिवासी समुदाय के जीरो से छै वर्ष के 63 छोटे छोटे बच्चे जो प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने जाते है।

उस आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चो को न तो बैठने के लिए जगह और चढ़ने के लिए आगनवाड़ी भवन में पेड़ी है।
ऐसे में बच्चो का ध्यान नही रखा जाए तो कभी भी कोई जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता है।

स्थिति इतनी खराब है की पूरी आगनवाड़ी केंद्र में पानी भरा हुआ है। वही दूसरी ओर बच्चो के लिए न तो लेट बाथ हे और खाना बनाने के लिए राशोई घर बच्चो को खाने की सामग्री रखने के लिए जगह नही है।

वही आगनवाड़ी भवन की छत से पूरी तरह से पानी टपकता है,उसमे बच्चो को पड़ने लिखने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

आगनवाड़ी भवन का निरीक्षण करने सेक्टर सुपर वाइजर ज्योति बनवारी एक साल पहले भारगाड़ आई थी।जिसका निरीक्षण करने के जाने को पूरा एक वर्ष हो गया लेकिन कोई आगनवाड़ी भवन को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे बरसात के समय में बच्चो को अच्छी सुविधा मिल सके।विभागी अधिकारी की लापरवाहीका खामियाजा बच्चो को भुगतना पड़ रहा है।

भवन छतिग्रस्त हो चुका है। छत से पानी टपक रहा है। ज्यादा बारिश से भवन गिर भी सकता है। शासन प्रशासन द्वारा अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। ऐसे में बच्चो की जान को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी का जाने कब एहसास होगा। अब इन बच्चों का भगवान ही मालिक है।

आदिवासी बाहुल्य इलाकों में अक्सर इस प्रकार के नजारे देखना आम बात है।

पता नहीं जिम्मेदार भी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे है।

नही किया फोन रिसीव

इस मामले को लेकर सेक्टर सुपर वाइजर ज्योति बनवारी से सांझवीर टाईम्स ने संपर्क किया गया लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया है।

ग्रामीणों में सतीराम,सांतुलाल,देवेंद्र हरोड़े,गज्जू ने जिला कलेक्टर से आगनवाड़ी भवन मरम्मत की मांग की,जिससे बच्चो के बैठने और पड़ने के लिए अच्छी सुविधा मिल सके।

इनका कहना है।

आगनवाड़ी भवन लगभाग दस वर्ष पुराना हे जिसकी मरम्मत बरसात से पहले की जानी चाहिए थी।लेकिन विभाग की लापरवाही है,विभाग ने इस और ध्यान देना चाहिए।

देवेंद्र हरोड़े
युवा ग्रामीण भारगाड़

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