आशीर्वाद एवं सम्मान समारोह*

R9 भारत निखिल वाधवा संवाददता तिल्दा नेवरा

 

आशीर्वाद एवं सम्मान समारोह*

शनिवार दिनांक 26-02-2022 को सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय तिल्दा में बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ आशीर्वाद एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विनय पात्रों (सचिव विद्यालय समिति), अध्यक्षता श्री दिलीप शर्मा (पूर्व सचिव विद्यालय समिति) विशेष अतिथि श्री गोपाल चन्द्र अग्रवाल
(पूर्व अध्यक्ष विद्यालय समिति), श्री पवन अग्रवाल (अध्यक्ष विद्यालय समिति) सदस्य श्री कृष्ण कुमार सोनी, श्री नारायण शर्मा,श्री नरेन्द्र जैन के द्वारा मां सरस्वती, ओम् एवं मां भारती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कक्षा दशम् के छात्रों ने अपने अनुभव कथन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर में १०-१२ वर्षो में हमें जो संस्कार मिला है उसे हम भुला नहीं सकते। अन्य विद्यालय में भी हम यहां से प्राप्त संस्कार एवं आचार्यों के बताये हुए मार्ग पर चलेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विनय पात्रों ने कहा कि गत दो वर्ष से वैश्विक महामारी के कारण शिक्षा का क्षेत्र बहुत प्रभावित हुआ है। बहुत से बच्चे आफलाईन पढ़ाई से वंचित हो गए। वहीं दूसरी ओर मोबाइल के माध्यम से आनलाईन शिक्षा में भारत में एक वर्ष पूर्व ५% थी जो एक वर्ष बाद 41% हो गई है। हमें अपनी मातृभाषा हिंदी के साथ उच्च शिक्षा के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी आवश्यक है। जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि की पढ़ाई के लिए छात्रों को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना आवश्यक हो जाता है। श्री गोपाल चंद्र अग्रवाल जी ने अपने उदबोधन में कहा की यहां के बच्चे जिस विद्यालय में जायेंगे वे अपने चरित्र को ऐसे बना कर रखेंगे कि वहां के शिक्षक याद रखेंगे कि यह छात्र शिशु मंदिर से पढ़कर आए हैं। इसी प्रकार श्री दिलीप शर्मा ने बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना देते हुए कहा की हमें अपना लक्ष्य बड़ा रखकर अपने सोच को आगे बढ़ाते हुए आधुनिकता में ढलना होगा। नई शिक्षा नीति लागू होने पर निश्चित रूप से सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यालय अग्रणी भूमिका निभाएगी। उसी प्रकार विद्यालय समिति के अध्यक्ष श्री पवन अग्रवाल जी ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर की शिक्षा किसी भी बच्चे को नौकरी के लिए प्रेरित नहीं करती है बल्कि एक अच्छा चरित्र निर्माण का काम करती है, एक शिशु मंदिर का विद्यार्थी या आचार्य कोई उच्च पद पर जाते है तो लोग उनके कार्यशैली की सराहना करते हैं। उसी प्रकार श्री नारायण शर्मा ने छात्रों को बाजार से बंद पैकेट के वस्तुएं व एनिमल चीजें जो हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है, उनसे बचने के लिए कहा। विद्यालय की दीदी जी श्रीमती बिमलेश्वरी वर्मा ने कहा कि हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने मार्ग से पीछे न हटकर सतत प्रयास करते रहना चाहिए। विद्यालय के आचार्य श्री नरेश साहू के द्वारा कक्षा – दशम के भैया – बहनों को कविता के माध्यम कहा गया कि तुम डरो नहीं किसी से, झुको नहीं किसी से, सिंह की भांति निडर बनो, नदियों की भांति अपने मार्ग में आगे बढ़ते रहो।…. इसी प्रकार श्री पेमेश आचार्य जी को विदाई देते हुए कहा कि आप हमसे दूर नहीं जा रहे हैं, जब जरूरत पड़ेगी तो आप हमारा निवेदन स्वीकार करेंगे। समस्त आचार्य दीदी, समिति के सदस्यों द्वारा ससम्मान स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना देते हुए कभी खुशी कभी ग़म आंखों से विदाई दी गई। अपने विदाई के पल में पेमेेश आचार्य जी ने कहा कि मुझे यहां पारिवारिक स्नेह मिला, मैं शिशु मंदिर की यादों को अपने दिल से कभी नहीं निकाल पाऊंगा। अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्री श्रवण कुमार साहू जी के द्वारा समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया एवं कहा कि श्रद्धा ज्ञान देती है, नम्रता मान देती है और योग्यता स्थान देती है, जिसका आपने पालन किया, जिसके कारण शासकीय शिक्षक बने। इतने दिनों तक विद्याभारती के घटक रहे अब शासन के घटक बने रहेंगे। उक्त कार्यक्रम को संपन्न कराने में कक्षा नवम – दशम के भैया-बहनों का विशेष योगदान रहा, उनके द्वारा ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। अंत में कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। उक्त कार्यक्रम की जानकारी विद्यालय के कार्यालय एवं प्रचार प्रसार प्रमुख टुकेश्वर वर्मा व विक्रम पटेल के द्वारा दिया गया।

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