इन्वेस्टर्स समिट:— पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के 5 साल में महज 2 प्रतिशत तो भजनलाल सरकार के 3 माह में 10 फीसदी एमओयू उतरे धरातल पर :— राजेंद्र राठौड़
……………………………….
कांग्रेसियों से राजस्थान का विकास देखा नहीं जाता और भजनलाल शर्मा विकसित राजस्थान के लिए कृतसंकल्पित :— सुरेश सिंह रावत
………………………….
जूली राजस्थान में हो रहे इस सर्वांगीण विकास से चिंतित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खोल विकास के नए द्वार :— जितेंद्र गोठवाल
………………………………
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने दिखावे के लिए सरकार के अंतिम वर्ष में किया था इन्वेस्ट समिट:— सुमित गोदारा
…………………….
जूली और कांग्रेस की आदत हो गई है बीजेपी के कामों पर ‘कीचड़’ उछालने की :— सुभाष मील
……………….
जूली के बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड, सरकार के मंत्री सुमित गोदारा, सुरेश सिंह रावत, विधायक सुभाष मील और भाजपा महामंत्री जितेंन्द्र गोठवाल ने बताया निदंनीय
…………………………………….
जयपुर, 1 अप्रैल 2025। राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड, सरकार के मंत्री सुमित गोदारा, सुरेश सिंह रावत और भाजपा महामंत्री जितेंन्द्र गोठवाल ने निदंनीय बताया। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने जूली के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जूली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता हैं और यह आपका संवैधानिक दायित्व है कि राज्य के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएं। परंतु दुर्भाग्यवश, जूली अपनी जिम्मेदारियों से भटक कर केवल निराधार आरोप लगाने में व्यस्त हैं।
राठौड़ ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान इन्वेस्ट समिट का आयोजन हुआ था। इसमें करीब साढ़े 12 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए थे, लेकिन वास्तविकता यह रही कि उनमें से सिर्फ 2% ही धरातल पर उतर सके। यह कांग्रेस सरकार की असफलता और खोखले वादों का प्रमाण है। जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकार के पहले ही वर्ष इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर 35 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू किए। इतना ही नहीं, भजनलाल शर्मा सरकार की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि मात्र 3 महीने के भीतर करीबन 10 प्रतिशत निवेश धरातल पर उतर चुका है। प्रत्येक एमओयू के क्रियान्वयन के किए अलग से सक्षम अधिकारी की नियुक्ति के साथ स्वयं मुख्यमंत्री स्तर पर 3 माह में एमओयू की निरंतर समीक्षा की जा रही है।
राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार है जब किसी सरकार के कार्यकाल के पहले वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 30 से अधिक देशों के 5000 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। इसमें 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू हुए। यह राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। राजस्थान में भाजपा सरकार के केवल 15 महीनों के शासनकाल में राज्य की जीएसडीपी में पिछली कांग्रेस सरकार की तुलना में 30.78% की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है जो यह दर्शाता है कि राजस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा सरकार के ठोस प्रयासों से प्रदेश वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को साकार करेगा।
सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जूली के बयान का पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसियों से राजस्थान का विकास देखा नहीं जाता, केवल तीन महीने में भाजपा सरकार में राइजिंग राजस्थान में हुए 3 लाख करोड़ रूपए के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। जूली नेता प्रतिपक्ष है, ऐसे में उनकी राजस्थान की जनता के प्रति ज़िम्मेदारी बनती है। राज्य के विकास के लिए थोड़ा गंभीर होकर बात करनी चाहिए। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का संकल्प है कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश लाकर यहाँ उद्योगों के माध्यम से रोजगार सृजन किया जाए, जिसकी पूर्णता की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
भाजपा महामंत्री एवं खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि सरकार के पहले ही वर्ष में “राइजिंग राजस्थान” मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की एक बहुत ही प्रेरणादायक पहल है। यह राज्य में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव ला रही है। राइजिंग राजस्थान के माध्यम से राज्य में उद्योग, रोजगार, पर्यटन, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में विशेष प्रगति हो रही है। खासकर, युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन हो रहा है, जिससे उनकी क्षमता को पहचानने और आगे बढ़ने की राह प्रशस्त हो रही है। जूली राजस्थान में हो रहे इस सर्वांगीण विकास के बदलाव से चिंतित हो रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस पार्टी प्रदेश हित को लेकर सदैव नकारात्मक रही है। प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने व्यक्तिगत और वोट बैंक के लिए लाभ के लिए अंतिम वर्ष में दिखावा किया, जबकि भाजपा सरकार ने प्रथम वर्ष में ही राइजिंग राजस्थान का सफलतम आयोजन कर विकास के नए द्वार खोल दिए।
कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि राजस्थान में अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार है, जो जनता के कल्याण, उत्थान और सर्वोंगिण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने पहले ही वर्ष राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन कर अगले तीन माह में करीबन तीन लाख करोड़ से अधिक के एमओयू को धरातल पर उतारने का काम किया है। इससे प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और वर्तमान भजनलाल सरकार में अंतर स्पष्ट हो गया। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने दिखावे के लिए सरकार के अंतिम वर्ष में इन्वेस्ट समिट किया और महज 2 प्रतिशत ही एमओयू धरातल पर आए, जबकि भजनलाल सरकार में पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन करते हुए महज 3 माह में 3 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा राजस्थान के विकास के लिए कृत संकल्पित है जबकि कांग्रेस के पास ना तो मुद्दे है ना ही विजन है।
खंडेला विधायक सुभाष मील ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस की आदत हो गई है बीजेपी के कामों पर ‘कीचड़ उछालने की। कांग्रेस जितना कीचड़ उछाल रही है, पूरे देश में भाजपा का कमल उतना अधिक खिल रहा है। सच तो यह है कि कांग्रेस के पास ना नीति है,ना नियम है और ना ही नियत है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति पथ पर अग्रसर है।
जयपुर ब्यूरो चीफ राजीव सोनी