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सैपऊ से खबर
जगदीश सिंह कुशवाहा ब्यूरो चीफ धौलपुर
उपखंड मुख्यालय सैंपऊ में गौशाला नहीं होने के करण सड़कों पर घूम रहा आवारा पशुओं से जनता हो रही परेशान
ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला बनवाएं जाने के सरकार के दावे झूठे साबित हुएं है जबकि 2018 के चुनावी घोषणा पत्र में कांग्रेस सरकार ने गौशाला खोलने का दावा किया था जिसके बाद सरकार बनते ही सरकारी दस्तावेज भी बना दिये गये। लेकिन सरकार के 5 साल पूर्ण होने के बाद पंचायत स्तर पर तो दूर की बात उपखंड मुख्यालय पर भी गौशाला नहीं बनवाई गई जबकि राज्य सरकार के द्वारा भूमि पंजीकरण में 10 प्रतिशत गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन के नाम पर करोड़ो वसूले जा रहे है लेकिन इस राशि का उपयोग गोवंश के लिए नहीं किया जा रहा है हकीकत यह है कि आम सड़कों और गली मोहल्ले में गोवंश का जमावड़ा लोगों एवं यातायात के साधनों के लिए परेशानी का कारण साबित हो रहा है कागजातों में ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला खोलनी थी लेकिन गहलोत सरकार के 5 वर्ष पूर्ण होने पर भी उपखंड मुख्यालय पर एक भी गौशाला नहीं खोली गई। किसान मजदूर राजगीर आवारा पशुओं से पूरी तरह परेशान है और तो आवारा पशुओं की वजह से सड़क दुर्घटना भी हो रही है। इन आवारा पशुओं पर सरकार का कोई ध्यान नहीं।