कृषि भूमि पर अवैध मैरिज होम निर्माण,प्रशासन की उदासीनता से लाखों के राजस्व नुकसान का आरोप, उपखंड अधिकारी को सोपा ज्ञापन

राजाखेड़ा——राजाखेड़ा तहसील के महदवार नंबर 02 स्थित खसरा नंबर 2768 रकबा 0.3541 हेक्टेयर पर बिना भूमि रूपांतरण और निर्माण अनुमति के मैरिज होम का निर्माण किया जा रहा है।शिकायतकर्ता नरेंद्र सिंह ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ लोकायुक्त जयपुर को शिकायत भेजी है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।शिकायत के अनुसार उक्त भूमि पर खातेदार अजयपाल,लोकेन्द्र,कविता,
मोहिनी और हरभेजी ने तहसीलदार राजाखेड़ा और नगर पालिका के संरक्षण में नियमों को दरकिनार कर वाणिज्यिक उपयोग हेतु निर्माण शुरू किया है।शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल कृषि भूमि के उपयोग की प्रक्रिया का उल्लंघन है।बल्कि राज्य सरकार को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान का भी कारण बन रही है।अवैध निर्माण और सुरक्षा चिंताएं शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नियमानुसार मैरिज होम के लिए 30 फुट चौड़ा रास्ता आवश्यक है, लेकिन यहां केवल 15 फुट चौड़ा रास्ता मौजूद है।ऐसे में आपात स्थिति या दुर्घटना की स्थिति में जनहानि की संभावना बढ़ जाती है।
प्रशासनिक लापरवाही का आरोप………शिकायतकर्ता ने बताया कि इस मामले की कई बार उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और नगर पालिका को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध निर्माण को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिससे प्रशासन मौन बना हुआ है।
अवैध निर्माण पर रोक और कार्रवाई की अपील…..नरेंद्र सिंह ने लोकायुक्त जयपुर से आग्रह किया है कि इस अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए,अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ आरटीए की धारा 177 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।प्रशासन पर उठ रहे सवाल ने इस मामले ने प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय निवासियों का भी कहना है कि प्रशासन की इस लापरवाही से गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।अब देखना यह है कि लोकायुक्त इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। संवाददाता मनोज राघव राजाखेड़ा