खतौनी में दर्ज इंद्राज के खिलाफ किसानों ने किया तहसील का घेराव

खतौनी में दर्ज इंद्राज के खिलाफ किसानों ने किया तहसील का घेराव

—– किसानों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन: साधु शरण
भाटपार रानी, देवरिया। मंगलवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा व पट्टा भूमि बचाओ संघर्ष समिति चकिया कोठी के संयुक्त तत्वावधान में भाटपार रानी तहसील का घेराव किया गया। इस दौरान धरना- प्रदर्शन में भारी संख्या में किसान शामिल हुए।अंत में एसडीएम की अनुपस्थिति में अपर तहसीलदार मिश्रीलाल चौहान को एसडीएम को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा गया।धरना को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव का० साधुशरण ने कहा कि वर्ष 1973 में भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के चकिया कोठी में सैकडों भूमिहीन लोगों को कृषि कार्य हेतु पट्टा आवंटित किया गया था। परंतु 28 जुलाई 2023 को भाटपार रानी तहसील द्वारा उन पट्टाधारी किसानों के खतौनियों पर दूसरे के आदेश संबंधित इंद्राज दर्ज कर दिया गया। इसे लेकर पीड़ित किसान तहसील समेत जिलाधिकारी,मंडलायुक्त व मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है।उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को लेकर किसान सभा व पट्टा भूमि बचाओ संघर्ष समिति चकिया कोठी द्वारा संयुक्त रूप से 20 जनवरी 2024 को चकिया कोठी चौराहा पर एक दिवसीय धरना -प्रदर्शन के माध्यम से उप जिलाधिकारी भाटपार रानी को ज्ञापन दिया गया था। वहीं समस्या समाधान न होने की स्थिति में 3 फरवरी को तहसील घेराव की घोषणा की गई थी। परंतु इसी बीच एसडीएम ने 29 जनवरी 2024 को अपने कार्यालय में पीड़ित किसानों व किसान सभा के पदाधिकारियों के साथ वार्ता करते हुए शीघ्र ही समस्या समाधान का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके समस्या समाधान न होने पर आज यह धरना देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आगामी 10 दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं होता है तो किसानों के साथ मिलकर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।वहीं धरना- प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व ग्राम प्रधान का० जयप्रकाश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में अधिकारी व कर्मचारी निरंकुश हो गए हैं।पीड़ितों की बात कोई नहीं सुनने वाला है।धरना को मुख्य रूप से नथुनी कुशवाहा, लोक गायक सुबाष यादव,गेना लाल यादव, विजय बहादुर चौरसिया, रमाशंकर गुप्ता आदि ने संबोधित किया। इस दौरान मुख्य रूप से राजाराम प्रसाद, सफीउल्लाह अंसारी, डॉ इसरारूल हक, राम रक्षा प्रसाद, असगर अंसारी, ध्रुव देव प्रसाद, राज मोहम्मद, बबुन्दर प्रसाद, मदन प्रसाद, जनार्दन प्रसाद, राजबली प्रसाद, सुमित प्रसाद, ज्ञानती देवी, मुन्ना कुशवाहा, तजिया देवी, आशा देवी, राजकुमारी देवी, फुल कुमारी, सुनैना, रूपचंद्र, अंगद, संजय ठाकुर, बबलू ठाकुर, बैजनाथ, संतोष, सत्येंद्र प्रसाद,शमीमुल हक, सुल्तान हक, सुभाष ठाकुर,संजीत, बसंत,नूर आलम, आशा, मुमताज, बैजनाथ, संतोष, नगीना, हरेंद्र प्रसाद,परमानंद प्रसाद, राजेश प्रसाद, अली मुहम्मद,सुशील गौड़, दसई प्रसाद, रामविलास प्रसाद, विद्यानंद प्रसाद,रामजी प्रसाद,शिवचंद प्रसाद,प्रहलाद, बैजनाथ प्रसाद,किशन प्रसाद, नागेंद्र, प्रिंस कुशवाहा, सरोज,सादिक, रुदल, अमरजीत प्रसाद, स्वामीनाथ प्रसाद, नरेंद्र प्रसाद, छोटेलाल मंसूरी, करामत, जावेद, मुस्ताक, शारदानंद यादव, गौरीशंकर, कपिल, गोवर्धन,अंगद सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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