बारां -पंकज राठौड़
जल शक्ति अभियान 2025 के अंतर्गत जिले में केंद्रीय अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों का निरीक्षण

बारां, 6 जुलाई । जिले में जल संरक्षण को लेकर चल रहे जल शक्ति अभियान 2025 के अंतर्गत रविवार को केंद्रीय नोडल अधिकारी विनम्र मिश्रा, निदेशक एमएसएमई, एवं रेणुका मेहर, भूजल विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य विभिन्न विभागों द्वारा जल संरक्षण, संवर्धन और पर्यावरणीय सुधार हेतु किए गए प्रयासों का जायजा लेना और जमीनी हकीकत से अवगत होना था।
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत फतेहपुर से हुई, जहां स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित सेनेटरी पैड निर्माण मशीन का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा प्रयास महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण है । इसके पश्चात ग्राम पंचायत संबलपुर में पंचायती राज विभाग द्वारा तालाब के रिनोवेशन कार्य और रिचार्ज शाफ्ट का निरीक्षण किया गया, जिससे वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर सुधार की दिशा में प्रभावी कार्य हो रहे हैं।
ग्राम संबलपुर में अटल भूजल योजना के अंतर्गत जलग्रहण विकास विभाग द्वारा बनाए गए एनीकट का निरीक्षण किया गया, जिसे सिंचाई एवं भूजल पुनर्भरण के लिए लाभकारी बताया। वहीं ग्राम कुंडी में चारागाह विकास कार्य को देखकर अधिकारियों ने सराहना की, जिससे पशुपालन और हरित क्षेत्र का विस्तार संभव हो रहा है। ग्राम पंचायत नारगढ़ में उद्यान विभाग द्वारा निर्मित पॉलीहाउस का अवलोकन किया गया, उन्होंने कहा ग्रामीण बागवानी को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने में सहायक है।
इसके अतिरिक्त जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत संचालित घर-घर जलापूर्ति योजनाओं और कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर वितरित पाइपलाइन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। इन कार्यों से ग्रामीण जीवन में जल सुविधा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अंत में ग्राम पंचायत भंवरगढ़ में वन विभाग द्वारा संचालित नर्सरी का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार पूरबगोला, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता आलोक गुप्ता, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक धनराज मीणा, उद्यान विभाग के उप निदेशक तथा वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण टीम ने सभी कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और जल संरक्षण को लेकर जनसहभागिता एवं विभागीय समन्वय को सराहनीय बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की नियमित निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।