दामजीपुरा में ईद की रौनक: हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, गले मिलकर दी बधाई
मोहम्मद इदरीश विरानी की रिपोर्ट
दामजीपुरा (बैतूल): तहसील भीमपुर के ग्राम दामजीपुरा के भारगढ़ स्थित ईदगाह में सोमवार को ईद-उल-फित्र की नमाज अदा की गई। इस मौके पर पूरे गांव में उत्साह, भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। नमाज के बाद हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और बाजार में घूमकर उत्सव का आनंद लिया।

मौलाना जावेद काजी ने दिया भाईचारे का संदेश
नमाज का नेतृत्व करने वाले मौलाना जावेद काजी ने अपने संबोधन में कहा, “ईद सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि इंसानियत और मोहब्बत की सबसे बड़ी मिसाल है। यह हमें सिखाती है कि हम हर व्यक्ति से प्रेम करें और समाज में अमन व भाईचारे का संदेश फैलाएं।” उन्होंने रमजान के 30 रोजों की अहमियत बताते हुए कहा कि ईद जरूरतमंदों की मदद और समाज को एकजुट करने का अवसर है।
बच्चों की ईद से खिले चेहरे, बाजारों में रही चहल-पहल
ईद का असली उल्लास बच्चों के चेहरों पर देखा गया, जब उन्होंने ईदी पाकर अपनी मासूम मुस्कान बिखेरी। बाजारों में रौनक देखने लायक थी, और लोग पूरे उत्साह के साथ एक-दूसरे को सेवइयां खिलाकर ईद की खुशियां साझा करते नजर आए।
पुलिस प्रशासन ने भी दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर मोहदा थाना पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा। थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ ने सभी मुस्लिम भाइयों से गले मिलकर ईद की बधाई दी। मुस्लिम समाज ने भी पुलिस प्रशासन का आभार जताया और उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
सच्ची ईद तब, जब सबके चेहरे पर हो खुशी
ईद का असली संदेश यही है कि खुशियों की खरीदारी में सबकी हिस्सेदारी हो। जब हर घर रोशन होगा, हर दिल में सुकून होगा, तभी ईद की रौनक मुकम्मल होगी।