जिला ब्यूरो अमीर आजाद
सिंहेश्वर मधेपुरा देवाधिदेव महादेव की नगरी सिंहेश्वर में सावन की पहली सोमवारी को शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। देर रात से ही श्रद्धालुओं के आने के सिलसिला लगा रहा। श्रद्धालुओं के अपेक्षित भीड़ को देखते हुए रात के दो बजे ही बाबा मंदिर का पट खोल दिया गया था। उसी समय से लगातार श्रद्धालु आते रहे। पहली सोमवारी को लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया।
इस बीच बोल बम व हर हर महादेव के जयकारों से मंदिर गूंजता रहा। बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी थीं। तड़के से ही मंदिर जाने वाले सभी रास्तों में शिव भक्तों का जत्था दिख रहा था। कोई पैदल ही काफी दूर से चलकर आ रहा था तो कोई दंडप्रणाम देते हुए बाबा के दरबार में अपनी अर्जी लगाने। भक्त भले अलग अलग रूप में थे लेकिन सबको बाबा भोलेनाथ का दर्शन व जलाभिषेक ही करना था। इससे पहले सदर एसडीएम सह न्यास समिति के सचिव नीरज कुमार ने अहले सुबह पूजा पाठ कर आम श्रद्धालुओं के लिए अरघा सिस्टम लगवाया। अरघा सिस्टम लगने से श्रद्धालु दूर से जलाभषेक कर रहे थे। वहीं गर्भ गृह में सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सदस्य मदन मोहन सिंह, प्रबंधक अभिषेक आनंद और कैशियर राकेश श्रीवास्तव ने कमान संभाली। मंदिर के बाहर मुख्यालय डीएसपी अमरकांत चौबे व थानाध्यक्ष अरुण कुमार विधि व्यवस्था देख रहे थे। वहीं मंदिर और मंदिर के बाहर तैनात दंडाधिकारी ड्यूटी से गायब मिले। पंडाल में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर पूजा की थी व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कतारबद्ध पूजा की व्यवस्था की गई थी। इस बार तो मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शेड लगवाया गया था। वहां महिला व पुरुष श्रद्धालु के लिए अलग अलग लाइन लगाई गई थी। मंदिर के प्रवेश द्वार के पास एक लाइन महिला श्रद्धालुओं का दूसरा लाइन पुरूष श्रद्धालुओं व बीच वाला तीसरा लाइन दंड प्रणाम तथा डाक बमों के लिए था। रात के दो बजे से लेकर दिन के 12 बजे तक मंदिर के बाहर लंबी कतारें लगी रही। मंदिर के गेट से लेकर शिवगंगा तक कई लाइनें लगी हुई थीं। 12 बजे के बाद भीड़ हल्की कम हुई। श्रद्धालु की उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।