महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में अनियमितता व घटिया सामग्री का अंबार
अधिकारियों की मौन स्वीकृति से ठेकेदारों की बल्ले बल्ले
देश में स्कूलों, आश्रमशालाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित नल का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जल जीवन मिशन की घोषणा की। क्योकि शिक्षा केंद्रों में उपलब्ध कराए जाने वाले नल के पानी का उपयोग बच्चों और शिक्षकों द्वारा पीने, मध्याह्न भोजन पकाने, हाथ धोने और शौचालयों में किया जाता है।
साथ ही सरकार ने देश के प्रत्येक घर तक नल के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि 2024 तक देश के प्रत्येक घर में पीने का पानी नल के द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
भैंसदेही विकासखण्ड पर एक नजर
मध्य प्रदेश के बैतूल की विकासखण्ड भैंसदेही की ही बात करे तो विकासखण्ड की प्रत्येक पात्र ग्राम पंचायत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के घर तक नल के जरिए पीने का पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर यह कार्य किया जा रहा है नल जल योजना का कार्य निजी एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है लेकिन यह विचारणीय बात यह है कि भैंसदेही विकासखण्ड की तमाम सारी ग्राम पंचायतों में पहले से ही शासन द्वारा नल जल योजना चलाई जा रही है । केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की योजना काबिले तारीफ है लेकिन इस योजना पर सही से काम होता नजर नही आ रहा है। तो ऐसे में सरकार की यह योजना आम जनता , स्कूली बच्चों के लिए सफल सिध्द हो यह सम्भव नजर नही आ रहा है। पहले भी नल जल योजना के स्तरहीन कार्य से परेशान ग्रामीणों की समस्याओं को खबर के माध्यम से शासन तक पहुचाने का कार्य किया गया था। जिसके बाद भी विभाग में किसी प्रकार से योजना को लेकर कोई गम्भीरता नजर नही आयीं। कई ग्रामों का प्रधानमंत्री नल जल योजना को लेकर भ्रमण किया वहां निरीक्षण किया और लोगों से जानकारी प्राप्त की तो उनका कहना है सरकार की यह योजना बहुत अच्छी है लेकिन इस योजना को संचालित करने में बड़ी गड़बड़यां , और घटिया किस्म के नलों का उपयोग किया जा रहा। अब सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और इस नल जल योजना को ईमानदारी से पूरा कराया जाना चाहिए।
नल जल योजना मे नजर आ रही अनियमितताएं
भैंसदेही विकाशखण्ड की कुछ ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का यह कहना है कि ग्राम , स्कूल एवम आंगनबाड़ी , में नल जल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है | गाँवो में कई जगह गड्ढे खोद दिए हैं , स्कूल के व्यवस्था की बात करे तो कही पानी की टँकी ही नही तो कही नल कनेक्शन नही , तो कहि टोटिया गायब है, तो पाइप लाइन ठीक से नहीं बिछाई गई है , तो जहां कार्य पूरा हो गया हो वहां टेस्टिंग में ही निर्माण कार्य की गई लापरवाही उजागर होते नजर आती है। बताया कि जिन सामग्री का उपयोग किया गया है वह भी निम्न स्तर व घटिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुवे बताया कि ऐसा लगता है मानो विभागीय अधिकारी आँखे बंद कर ठेकेदार घटिया निर्माण की मौन स्वीकृति देकर प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन योजना के माध्यम से हम ग्रामीणों को घर घर पेयजल मीले ऐसा नही चाहते।
पूर्ण दिखाए कार्य की प्रदेशस्तरीय हो जाँच
भैंसदेही विकाशखण्ड में हो चुके और चल रहे जल जीवन मिशन निर्माण कार्य की प्रदेश सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी को इस योजना का प्रदेशस्तरीय निरीक्षण करना चाहिए और इसकी निष्पक्ष जांच कराना चाहिए | कि भैंसदेही विकाशखण्ड पात्र ग्राम पंचायतों में चलाई जा रही नल जल योजना का कार्य निष्पक्षता से, ईमानदारी से और सही मानक सामग्री के मटेरियल से किया जा रहा है य्या नही । नही तो देश के प्रधानमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का सपना घर घर नल से शुध्द जल पहुचाने का सपना ही रह जायेगा और सरकार के करोड़ो रूपये खर्च होकर भी आम जनता को इसका लाभ नही मिल पाएंगा।
इनका कहना है
जल जीवन मिशन योजना के तहत किये जा रहे कार्य मे विभाग द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। सीएम हेल्पलाइन लगाने के बाद भी शिकायत का कोई हल नही निकल रहा। इसलिए मेरे द्वारा अब लिखित में आवेदन देखर विभाग को जगाने का कार्य किया जायेगा।
उमेश डडोर (ग्रामीण )
ग्राम पंचायत पारडी
योजनाएं तो सारी जनहितकारी होती है परन्तु विभाग की मंशा हो तो ही वह जनहित तक सफलता पूर्वक पहुचायी जा सकती है।
स्वदेश सरकार
युवा भैंसदेही नगर
पूर्ण दिखाए गए कामो की उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए।जिससे सत्यता सबके सामने हो कि जल जीवन मिशन का कार्य कितना स्टीमेट और डीपीआर के आधार पर हो रहा है।