Riport By-रामू राजवंशी
कुतुबनगर गाँव में 25 सालों से भाजपा में सेवा दे रहे कार्यकर्ता पर दबंगों ने किया जानलेवा हमला पीड़ित कार्यकर्ता 10 दिनों से अधिकारियों के पास काट रहा चक्कर, फिर भी नही मिल रहा उचित न्याय। आपको बता दे कि देश और प्रदेश में काबिज सरकारों के दलीय प्रतिनिधि भी दबंगों की गतिविधियों के आगे महफूज नहीं है इस अभी कथन की पुष्टि करता हुआ पिसावां थाना क्षेत्र का एक मामला प्रकाश में आया है जहां एक जमीनी स्तर से जुड़े भाजपा नेता की विरोधियों द्वारा जमकर पिटाई कर दी गई मजेदार बात तो यह है की पार्टी जिला अध्यक्ष की सिफारिश पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन वह भी मामूली धाराओं के तहत एनसीआर में। भुक्तभोगी भाजपा नेता नागेंद्र कुमार सिंह उर्फ इंडिया सिंह ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सहित रक्षा मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर न्याय दिलाए जाने की मांग की है। पीड़ित ने अपने आवेदनों में इस बात का उल्लेख किया है कि वह पार्टी के विभिन्न पदों पर रहते हुए बीते 25 वर्षों से वह भाजपा के साथ जुड़ा हुआ है। आरोप है कि 6 वर्ष पहले उसने जरिए बैनामा खेती योग्य जमीन क्रय की थी जिस पर बीते 8 नवंबर को विपक्षी दिलीप कुमार शर्मा नरेश कुमार शर्मा पुत्र गण स्वर्गीय बनारसी लाल शर्मा कृष्ण विनायक शर्मा व महिला रीना शर्मा पूनम शर्मा को साथ में लेकर भूमाफिया किस्म के व्यक्ति धीरेंद्र प्रताप सिंह व शैलेंद्र सिंह तथा पांच अन्य लोग खेत पर ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे जानकारी मिलने पर जब शिकायतकर्ता इंडिया सिंह ने ट्रैक्टर चालक को खेत जोतने से मना किया तो विपक्षियों ने लात घुसा लाठी-डंडों से उसकी जमकर पिटाई कर दी पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो पुलिस ने विपक्षियों के दबाव के चलते उसका चिकित्सा परीक्षण तो कराया लेकिन संबंधित चिकित्सा ने भी मामूली चोटों की फोरी रिपोर्ट बना दी जिस पर पुलिस ने मामूली धारा मात्र 323 504 आईपीसी में एनसीआर दर्ज करके शांति भंग की धारा 151 में कथित कार्यवाही किए जाने की बात कही है। दूसरी तरफ पीड़ित ने आज जनपद के पुलिस अधीक्षक और मुख्य मंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत करके भुक्तभोगी के ही अनुसार उचित कार्यवाही के निर्देश अधिकारी द्वारा थाना पुलिस को जारी किए गए हैं। पीड़ित ने बताया कि जिला मुख्यालय पर उसने अपने हाथ का एक्सरे कराया है पंजे की हड्डी में फैक्चर निकला है मामले में हम तो यह है कि जब जमीनी स्तर के सत्तापक्ष ने नेताओं के साथ घटित घटना के में पुलिस का यह आलम है तो सामान्य पीड़ितों के साथ उसका क्या रवैया होगा आम जन मानस में एक अहम प्रश्न बना गया है।