‘सच्चाई -सफाई -सादगी की स्वरूप थी -राजयोगिनी दादी जानकी जी’-प्रजापिता
संवाददातारवि छाबडा़(झुमरी तिलैया)
कोडरमा:ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, एडी बंगला मेंराजयोगिनी डॉक्टर दादी जानकी का पुण्य स्मृति दिवस वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस के रूप में मनाया गया,कार्यक्रम में केंद्र संचालिका ब्रम्हाकुमारी लक्ष्मी बहन तथा कोडरमा जिला न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भ्राता जगदीश सलूजा उपस्थित रहे कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ शुरू किया गया केंद्र संचालिका ब्रम्हाकुमारी लक्ष्मी बहन ने दादी जानकी की स्मृतियों को सभी के समक्ष रखा उन्होंने कहा दादी जी शताब्दी की महानायिका थी, वह 104 वर्ष की आयु में भी निरंतर मानव सेवा वा ईश्वरीय पैगाम को देश विदेश में पहुंचाने में सदा तत्पर रहें ,दादी जी एक महान आत्मा थी उनका बोल उनकी दृष्टि बहुत ही विशेषताओं से भरपूर थी दादी जी की सच्चाई सफाई और उनकी सादगी को देखकर भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2019 में दादी जी को स्वच्छ भारत अभियान की ब्रांड एंबेसडर घोषित किया था दादी जी बचपन से प्रभु प्रेम में लीन थी उन्होंने कहा दादी जी सदा सभी में 4 गुण देखना चाहती थी जो मनुष्य जीवन को सरल बनाती है धीरज सहन शीलता मित्रता भाव तथा गंभीरता इन्हीं गुणों के आधार पर हम अपने जीवन को सहज व सुखमय बना सकते हैं,पर मातम शक्ति के आधार से ही विश्व को परिवर्तन कर सकते हैं ,दादी जी 27 मार्च 2020को अपना भौतिक शरीर छोड़ एक फरिश्ता रूप धारण कर नई सेवा के लिए प्रस्थान की वही मुख्य अतिथि भ्राता जगदीश सलूजा ने कहा यह भारत महान भूमि है और समय प्रति समय ऐसी महान आत्माओं के द्वारा हमें कुछ सीखने का मौका मिलता रहता है दादी जी भी उनमें से एक ऐसी ही महान आत्मा थी जिनका व्यक्तित्व जितना सरल था उतना ही यहां सभी में प्यार और स्नेह है ऐसी महान आत्मा को आज हम सभी दिल से श्रद्धांजलि अर्पण करते हैं,कार्यक्रम को सफल बनाने में नितेश जी ने अहम भूमिका निभाई ,वही कार्यक्रम में संस्थान के सैकड़ों भाई बहने उपस्थित रहे कुसुम माता ,सुनीता माता, संगीता माता ,संजीता माता ,निशा माता ,स्वाति माता, मंजू विराग, किरण ,गीता ,ममता, अनीता, रीता ,शीला ,बबीता, रिंकू ,मंजू, शंकर भाई ,सुनील भाई, रामेश्वरम भाई ,सभी ने दादी जी को अपनी कमी कमजोरियों को खत्म करने का तथा उनके बताए रास्ते पर चलने का दृढ़ संकल्प लें दादी जी को स्नेह -सुमन अर्पित किया और विश्व में शांति के लिए राजयोग का अभ्यास भी कराया गया|विशेष सूचना -राज योगा मेडिटेशन के लिए सात दिवसीय निशुल्क कोर्स भी कराया जा रहा है, अतः तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए एक बार अवश्य ही राजयोग का अभ्यास करे|