REPORT by- गौरव पंत
आंदोलनकारियों की पेंशन कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह हो : सुशील भट्ट। स्वराज हिन्द फौज के संस्थापक एवं केन्द्रीय अध्यक्ष सुशील भट्ट ने पी0 डब्ल्यू०डी० गेस्ट हाउस मे बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारी आज भी चिन्हित होने से रह गये हैं , उनका चिहीकरण तत्काल किया जाना चाहिए साथ ही राज्य आंदोलनकारियों को राजकीय सेवाओं में 10 फीसदी क्षेतिज आरक्षण दिया जाना चाहिए व आंदोलनकारियों की पेंशन कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह हो और राज्य के प्रत्येक तहसील/ब्लॉक में राज्य आंदोलनकारियों के नाम से कम से कम एक पार्क होना चाहिए जिसमें सभी आंदोलनकारियों के नाम के शिलापट हों ताकि आज की नई पीढ़ी राज्य निर्माण के नायकों को पहचान सके। उपरोक्त सभी माँगों को लेकर स्वराज हिन्द फौज चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगा ।
सत्तासीनों द्वारा पिछले 22 वर्षों से उत्तराखंड की जनता को लगातार छला जाता रहा है , जिस कारण राज्य बचाने के लिये आज फिर से एक बड़े जन आंदोलन की आवश्यकता है ।
सुशील भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण दिये जाने का फैसला स्वागत योग्य कदम है लेकिन ये फैसला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए ।
सुशील भट्ट ने कहा कि उनके संगठन “स्वराज हिन्द फौज” द्वारा यूकेडी, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी समेत अन्य क्षेत्रीय संगठनों को राज्य हित मे एक मंच पर लाने के लिए प्रयास शुरू हो गये हैं जिसके लिए जल्द ही तीसरे मोर्चे की बैठक की जायेगी , उन्होंने तीसरी शक्तियों में शुमार ताकतों से आने वालेे चुनावों और राज्य के हितों को देखते हुए एक मंच पर आने की अपील भी की है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रमुख राज्य आंदोलनकारी नीमा भट्ट , कमल जोशी , गिरीश चन्द्र लोहनी , डॉ0 हरीश पाल आदि नें अपने विचार रखे।
बैठक में मुख्य रूप से राज्य आंदोलनकारी भगवती जोशी, बच्ची देवी बोरा , भावना सती , विद्या जोशी , दीपा त्रिपाठी , फौजी सुनील भट्ट , आर्येन्द्र शर्मा , लक्ष्मण गैड़ा , वीरेंद्र बर्गली , बी0 सी0 तिवारी समेत कई लोग उपस्थित थे ब्यूरो रिपोर्ट by गौरव पंत
R9. भारत T.V( ब्यूरो चीफ)
नैनीताल