ऋतिक सिंह परमार इसरो “ऐरोस्पेस साइंटिस्ट” बन कर किया धौलपुर जिले का नाम रोशन

ऐरोस्पेस साइंटिस्ट्स बनने पर गौरव का क्षण धौलपुर जिले निवासी होनहार युवा ऋतिक सिंह परमार आई आई एस टी तिरुवनंतपुरम से ऐरो स्पेस इंजीनियरिंग में बी टेक की डिग्री प्राप्त की है एवं विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर तिरुवनंतपुरम में क्लास ए गजेटेड ऑफिसर साइंटिस्ट के पद पर नियुक्ति पाकर युवाओं के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
ऋतिक की इस सफलता से परिवार,गांव, समाज और मित्रगण सभी प्रसन्नता व गर्व की अनुभूति कर रहे हैं।
ऋतिक के पिता भूप सिंह परमार महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय सिंघावली बरेह मे वरिष्ठ अध्यापक हैं और मां गृहणी है। पिता ने बताया है कि ऋतिक शुरू से ही प्रतिभाशाली और कुशाग्र
बुद्धि विद्यार्थी रहा है ऋतिक सिंह परमार के परिश्रम समर्पण और लगन से उच्चतम पद पर देश सेवा के लिए नियुक्ति पाकर खुशी जाहिर की गयी एवं अपने गांव आंगई का नाम रोशन किया साथ ही हुनर शक्ति फाउंडेशन के संस्थापक प्रशांत शर्मा ने बताया यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। ऐरोस्पेस साइंस एक ऐसा क्षेत्र है जो अंतरिक्ष और वायुयान टेक्नोलॉजी में नवाचार और अनुसंधान से जुड़ा है। इन युवाओं ने कठिन प्रशिक्षण, तकनीकी अध्ययन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है।
हुनर शक्ति फाउंडेशन संस्था के द्वारा नव चयनित ऐरोस्पेस वैज्ञानिक ऋतिक सिंह परमार को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी
यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और क्षेत्र के अन्य युवाओं को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला देगी।संस्था सचिव नीरज झा ने बताया आपकी यह उपलब्धि न केवल आपके परिवार और समाज के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह हमारे देश के युवा वर्ग के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत है। आपके कठिन परिश्रम, समर्पण और वैज्ञानिक सोच ने एक नए आकाश को छू लिया है।
हम आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और आशा करते हैं कि आप विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश का नाम और ऊँचा करेंगे। साथ ही चतुर सिंह परमार कमल सिंह परमार पान सिंह परमार बलवीर जय सिंह परमार एडवोकेट श्याम मनोहर कुलश्रेष्ठ रामविलास शर्मा धर्मवीर धीर सिंह माधव रवि परमजीत आदि लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए बधाईयां दी। संवाददाता मनोज राघव राजाखेड़ा