करे योग रहे निरोग पहला सुख निरोगी काया आज पूरी दुनिया में कई प्रकार के योग सिखलाई जाते हैं जिससे शरीर की कई सारी बीमारियां से निजात मिल जाति है

जिला ब्यूरो बृजमोहन सूर्यवंशी
9098857343
21 जून 2022
पचोर(म.प्र.)
करे योग रहे निरोग पहला सुख निरोगी काया आज पूरी दुनिया में कई प्रकार के योग सिखलाई जाते हैं जिससे शरीर की कई सारी बीमारियां से निजात मिल जाति है
लेकिन शरीर की अधिकांश बीमारियों की जड़ कमजोर और नकारात्मक मन है और वह परमपिता परमात्मा मनमना भव के मंत्र एवं राजयोग द्वारा हमारे मन को सुमन बनाकर हमारे मन को शक्तिशाली एवं सकारात्मकता से परिपूर्ण कर देते है
राजयोग एक ऐसा योग है जिससे कि हम कभी रोगी ही नहीं होंगे इस एक जन्म ही नहीं बल्कि 21 जन्मों तक हम एवर हेल्दी वेल्di हैप्पीनेस रहेंगे
राजयोग के द्वारा ही हम योगेश्वर परमात्मा की प्राप्ति कर सकते हैं उससे बात कर सकते हैं
उनके द्वारा प्राप्त शक्तियों की सतरंगी किरणें प्राप्त कर हम संपूर्ण स्वस्थ बन सकते हैं
जो कि वर्तमान में पिछले 86 वर्षों से स्वयं परमात्मा वह योगेश्वर
साकार वृद्ध तन प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से राजयोग सीखला रहा है
उक्त उद्बोधन स्थानीय ब्रह्मा कुमारीज उप सेवा केंद्र पचोर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित “मानवता के लिए योग” कार्यक्रम के दौरान बीके वैशाली दीदी ने कही

इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में रुहेला सर, ओपी पवार, सूरज प्रकाश गुप्ता (पतंजलि योग शिक्षक) , रेणुका विजयवर्गीय (सहज योग शिक्षिका) , ब्रह्मा कुमारी वैशाली बहन( राजयोग शिक्षिका) उपस्थित रहे!
सभी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया
सहज योग शिक्षिका रेणुका विजयवर्गी ने कहा कि जो भी हम प्राणायाम करें वह सिर्फ प्राणायाम नहीं है वरन उसको द्रड संकल्प शक्ति, इच्छा के साथ करेंगे तो हमें एक अलग ही ऊर्जा मिलेगी
हमें नेमिनाथ बनकर प्राणायाम नहीं करना है बल्कि विधि पूर्वक प्राणायाम करेंगे तो निश्चित ही हमें आंतरिक परिवर्तन की अनुभूति होगी
पतंजलि योग शिक्षक सूरज प्रकाश गुप्ता ने सर्वप्रथम सूर्य नमस्कार करवाया
साथ ही विभिन्न प्रकार के योगासन करवाएं और उनसे होने वाले लाभ की जानकारी सभी को दी
अन्य सभी अतिथियों ने भी इस अवसर पर अपनी शुभ भावनाएं व्यक्ति की
राजयोग शिक्षिका बीके वैशाली बहन ने सभी को की अनुभूति करवाई
सभी को प्रसादी वितरण का कार्यक्रम का समापन किया गया
मंच का कुशल संचालन एवं सभी का आभार बीके दुर्गेश भाई ने किया

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