खैरागढ़. नवगठित खैरागढ़ औपचारिक रूप से जारी दावा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खैरागढ़- छुईखदान – गंडई को जिला बनाए जाने की घोषणा की थी। कांग्रेस विधायक की जीत के दूसरे दिन ही इसका औपचारिक एलान कर दिया दी गई। राजपत्र में प्रकाशन के बाद
प्रशासनिक कार्यवाही भी इसके लिए त्वरित रूप से शुरू कर नवगठित खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई जिले के लिए दावा आपत्ति की प्रक्रिया लगभग दो माह तक चली।
20 पंचायतों के अलग होने के अलावा कोई आपत्ति नहीं

मरकामटोला, विचारपुर, महरूमकला, सिंगारपुर, गोपालपुर सहित 20 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने अपने गांवों को खैरागढ़ की बजाय राजनांदगांव जिले में रखे नवगठित खैरागढ़ छुईखदान गंडई पर भवनों को चयन लगभग कर समक्ष प्रस्तुत की थी। इसके पिछले डेढ़ माह से खैरागढ़ कार्यालय पहले से ही शहर में मौजूद हैं इनके अलावा किसी भी इलाके से अन्य कोई भी दावा आपत्ति नए जिले के लिए नहीं आई है। बताया गया कि प्रशासन ने इन आपत्तियों और दावों का भी नियमानुसार निपटान कर लिया है बताया गया कि अस्तित्व में आने की तैयारी तेजी से चल रही है विधानसभा उपचुनाव के दौरान अस्तित्व में आने की तैयारी है।
गंडई जिले के लिए दावा आपत्ति पूरा
कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय में लगभग सप्ताह भर का समय ही अब कार्यालय निर्माण में शेष बचा है
दावा आपत्ति मंगाई और जिले के ओएसडी के रूप में आईएएस डॉ. जगदीश सोनकर की नियुक्ति सरकार ने कर दी थी। दावा आपत्ति की प्रक्रिया 17 जून को खत्म हो गई है। की आपत्ति की प्रक्रिया प्रशासन ने शुक्रवार को पूरी कर ली 33वें जिले के रूप में अब इसके मुख्यालय में नए कलेक्ट्रेट और है। इसमें डीएफओ, विद्युत मंडल के एसपी कार्यालय के अस्थाई भवन की तैयारियां भी अंतिम चरण में है। खैरागढ़ के पॉलीटेक्निक कालेज के एक विंग को कलेक्ट्रेट और जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के एक विंग में एस पी कार्यालय दोनों जगहों पर मरम्मत कार्य बचा है। ऐसे में जून माह के अंतिम सप्ताह तक दोनो परिसर लगभग पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। अन्य प्रमुख चार बड़े कार्यालय पहले से ही मौजूद हैं