चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
कोरबा जिला की गांव गलियों में गुंज रही सुआ गीत

(अच्छी फसल के उत्साह में छोटी-छोटी बच्चियों कर रही सुआ नित्य)
कोरबा//छत्तीसगढ़ की लोक पारंपरिक गीतों में शुमार सुआ नित्य इन दिनों गांव में छोटी छोटी बच्चियों टोली बनाकर गली मोहल्ले में सुआ नित्य कर अच्छी फसल के उत्सव स्वरूप सुआ नित्य कर रही है जिससे देश के अन्नदाता किसान छोटी छोटी बच्चियों को सुपर टुकना भर धान की अच्छा पैदावार के उत्साह में अन्न का वितरण कर रहे हैं।
कोरबा जांजगीर की सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित ग्राम उमरेली में सुआ नित्य छोटी-छोटी बच्चियों द्वारा की जा रही है जिसमें अच्छी फसल होने के उत्साह स्वरूप देश के अन्नदाता किसान बच्चियों को धान खदान कर रही हैं जिससे आज के समय में छत्तीसगढ़ की लोक पारंपरिक नित्य सुआ नित्य जो आज के आधुनिक परिवेश में कहीं ना कहीं विलुप्त होने के कगार पर मौजूद होते दिख रहा तो वही गांव में की गलियों पर आज सुआ नित्य आज भी लोगों के मन मस्तिष्क में जीवित है। सुआ नित्य यूं तो आदिवासी समाज की किशोरी एवं महिलाएं दीपावली के अवसर पर सूआ नित्य की परंपरा मानी जाती है जो आज भी कई अवसरों पर छत्तीसगढ़ की लोक पारंपरिक गीतों में शामिल कर ली जाती है जिसे उत्सव आदि कार्यक्रमों में शामिल कर छत्तीसगढ़ के लोक पारंपरिक जीवन को जीवन प्रदान होती हैं।