गहलोत सरकार ने प्रशासन, कानून-व्यवस्था और विकास तीनों ही मोर्चों पर प्रदेश को पहुंचा दिया था गर्त में:— श्रवण सिंह बगडी
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भजनलाल सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, बेहतर हुआ इन्फ्रास्ट्रेक्चर और स्थापित हुए विकास के नए आयाम:— श्रवण सिंह बगडी
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गहलोत के बयान वास्तविकता से परे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी:— श्रवण सिंह बगडी
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जयपुर, 29 नवंबर 2025। भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगडी ने अशोक गहलोत के बयान को वास्तविकताओं से परे राजनीतिक बयानबाज़ी बताया। बगडी ने कहा कि राजस्थान की जनता जानती है कि 2018–23 की कांग्रेस सरकार ने प्रशासन, कानून-व्यवस्था और विकास तीनों ही मोर्चों पर प्रदेश को गंभीर स्थिति में पहुंचा दिया था। पिछली कांग्रेस सरकार में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति देखें तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेज़ वृद्धि दर्ज, जिलों में गैंगवार, हत्या और संगठित अपराध की घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा था, जबकि वर्तमान की भजनलाल सरकार में अधिकारियों को राजनीतिक दबाव से मुक्ति के लिए स्पष्ट गाइडलाइन लागू की गई है। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई शुरू हुई और प्रदेश के कई बड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगडी ने बताया कि गहलोत सरकार के समय जिलों की स्थिति तो दूर राजधानी की सड़कों के हाल बेहाल थे, कई जिलों में सड़कों की मरम्मत का बजट तक उपयोग नहीं किया गया, जबकि भजनलाल सरकार में सड़क मरम्मत और ग्रामीण संपर्क मार्गों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिया, सड़क चौड़ीकरण और ग्राम सड़क योजना में कार्य तेजी पर है। गहलोत सरकार के दौरान राजस्थान सड़क हादसों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया था। वास्तविकता यह है कि 5 वर्षों तक सत्ता में रहते हुए गहलोत सरकार ने राजस्थान को प्रशासनिक अव्यवस्था, भ्रष्टाचार के आरोपों और ढीली कानून-व्यवस्था की स्थिति में छोड़ा था। आज जब नई सरकार सुधार के कदम उठा रही है, तब बिना तथ्यों के ऐसे बयान सिर्फ राजनीतिक निराशा का परिणाम हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगडी ने बताया कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण विषय को गहलोत राजनीतिक रंग दे रहे है, एसआईआर बाहरी मतदाता, मृत व्यक्तियों के नाम हटाने की प्रक्रिया है। एसआईआर में गहलोत और कांग्रेसी नेताओं को अपना वोट बैंक समाप्त होने की चिंता सता रही है। जब राजनीतिक जमीन खिसकने लगती है, तब ऐसे बयान कांग्रेस के नेताओं की आदत बन जाते हैं। एसआईआर तो वोटर लिस्ट को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया है। पहले भी एसआईआर होता रहा है। कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला कर चुनावी व्यवस्था पर संदेह पैदा करना चाहती है, ताकि आने वाले चुनावों में अपनी संभावित हार का बहाना पहले से तैयार कर सके।
जयपुर ब्यूरो चीफ राजीव सोनी