लोकेशन रायबरेली
रिपोर्ट सन्दीप मिश्रा
चुनाव आयोग को नही पता की क्या है बीजेपी की पिचकारी
आचार संहिता का पालन करने में प्रशासन सख्त दिख रहा है या सख्त दिखने की नौटंकी कर रहा है। एक तरफ चुनाव आयोग पुलिस प्रशासन के माध्यम से यह बताना चाहता है कि चुनाव में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्यवाही होगी। लेकिन आदर्श आचार चुनाव संहिता लागू हो जाने के बाद भी जिले में जैसे केवल आम जनता को परेशान करने के लिए नियम सख्त हो गए हैं । जबकि बाजारों में बीजेपी की पिचकारी और भाजपा के नाम का रंग और टोपियां सड़कों पर बिकती हुई दिख रही है। यहां यह भी बताते चलें कि एक समय ऐसा भी आया था जब लखनऊ के एक पार्क में लगी हाथी की मूर्ति को चुनाव आयोग के आदेश पर ढक दिया गया था। लेकिन बाजारों के माध्यम से घर-घर पहुंचने वाले इन चुनावी प्रचार के सामानों पर चुनाव आयोग कैसे रोक लगाएगा यह तो आने वाले समय बताएगा। लेकिन कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग की धज्जियां सड़कों की बाजार में फुटपाथ पर उड़ाई जा रही हैं।