झारसुगुड़ा ज़िल्ले की भुरकामुंडा ग्रामीणों ने वेदांता के बिरोध में सडक पे उतरे
और विस्थापन करने का दाबा किया झारसुगुड़ा जिल्ले की भुरकामुंडा ग्रामीणों ने शुक्रबार झारसुगुड़ा स्थित वेदांता स्टील कंपनी के सामने अपने विस्थापन का प्रस्ताव रखा है और इस के साथ खूब आक्रोश दिखाया,ग्रामीणों के आरोप है की बेदान्ता ग्रामीणों के जमीन अधिग्रहण कर अपनी कंपनी स्थापित की,इस के बदले सब्जी दर पे जमीन खरीदकर पुरे गांव की जमीन हड़प ली. अब गांव में किसी भी परिवार के पास कोई जमीन नहीं है, केवल एक छोटा सा घर है, जब कंपनी ने जमीन का अधिग्रहण किया था, तो उसने लोगों को रोजगार देने का वादा किया था स्थापना के बाद कंपनी ने भुरकामुंडा के ग्रामीणों को धोखा दिया। भुरकामुंडा गांव के ग्रामीण अपने परिवार का भरण-पोषण करने में बहुत कठिन और दयनीय जीवन जी रहे,वेदांत कंपनी विस्थापित करने का सपना दिखाकर बार-बार तारीख पर तारीख दे रही है, बार बार ग्रामीणों के तरफ से गुहार लगाया जाता है, इस के अलाबा केंद्रीय जिला, राज्य प्रशासन भी नहीं सुनते वेदांत कंपनी के प्रति प्रशासन की मेहरबानी को समझ नहीं पा रहा है भुरकामुंडा गांव,महज 20 मीटर की दूरी पर स्टील कंपनी के प्रदूषण से गांव के लोग पहले भी कई बीमारियों से मर चुके हैं.वेदांता की राख में तालाबों और नहरों का पानी काले रंग से अत्यधिक प्रदूषित हो गया है, जो अनुपयोगी है। अगर आगे इस बारे में प्रशासन और बेदान्ता के तरफ से ग्रामीणों को उनके अधिकार नहीं मिले तो दिल्ली तक इसका चीख जायेगा बताया गया, राउरकेला से सुमित्रा देबी की रिपोर्ट