सिद्धार्थनगर डॉक्टर अंबेडकर सभागार में मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में जनपद में संचालित समस्त गौशालाओं के ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत सचिव वह तकनीकी सहायकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ।

मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने उपस्थित सभी ग्राम पंचायत सचिव ग्राम प्रधानों को 15 दिवस के अंदर वर्मी कंपोस्ट पिट तैयार करने का निर्देश दिया 100 पशुओं वाली गौशालाओं में 10 पिट तैयार कर शुरुआत करने का निर्देश दिया। जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह ने कंपोस्ट पिट बनाने का व्यवहारिक ज्ञान दिया तथा उसमें आने वाली कठिनाइयों का निराकरण बताया है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक डॉ एस एन सिंह ने बताया वर्मी कंपोस्ट पित तैयार करने के लिए बताया कि एक पिट तैयार करने के लिए 10 फीट लंबा 3 फीट चौड़ा 1 फीट गहरा पिट तैयार करना पड़ेगा जिसमें पहले चारे के अवशेष भूसा पुवाल डालकर, उस पर 5 से 6 लेयर गोबर डालें गोबर 1 से 2 दिन पुराना होना चाहिए। इस प्रकार 50 से 60 दिन में केंचुआ खाद तैयार हो जाएगी जिसकी पैकेजिंग कर बाजार में 15 से ₹20 प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री कर गौशाला की आय में वृद्धि की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त गौशाला मैं मत्स्य पालन मुर्गी पालन बकरी पालन गोबर में गो कास्ट गमला आदि बनाकर गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
गौशाला में वर्ष भर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नेपियर घास इसकी जड़े कृषि विज्ञान केंद्र सोहना पर उपलब्ध है की बुवाई कैसे करें कि बारे में डॉक्टर महेंद्र तिवारी पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रदीप कुमार कृषि वैज्ञानिक ने पीपीटी के माध्यम से विस्तार से बताया महाराजगंज से आए डॉ नागेंद्र पांडे ने वर्ग वर्मी कंपोस्ट के बारे में विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का संयोजन डॉक्टर बी के राव प्रभारी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने दान व क्रय किए गए भूसे की अलग अलग बनाने गौशालाओं पर अभिलेख उपलब्ध कराने आत्मनिर्भर बनाते हुए सभी अतिथियों प्रशिक्षणार्थियों का आभार प्रकट किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने जनपद की सर्वश्रेष्ठ 3 गौशालाओं के ग्राम प्रधान ग्राम सचिव को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने की घोषणा की।
R9 भारत से पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट