धौलपुर जिले के कुछ निजी अस्पताल सरेआम अवेध डी एन सी कर सरेआम भ्रूण हत्या कर रहे हैं जिन पर ना तो मेडिकल का जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है ना ही जिला प्रसाशन इस ओर ध्यान दे रहा है यह सारा खेल जिला प्रशासन की नाक के नीचे अवेध तरीके से हो रहा है निजी अस्पताल में कुछ लोग यही काम कर रहे हैं वो ना तो नर्सिंग स्टाफ हैं केवल सरकारी अस्पताल पर भोले भाले ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली डिलेवरी डी एन सी की महिलाओं पर नजर रखते हैं और उन्हें बहला फुसलाकर कर शहर के कुछ चिन्हित निजी अस्पताल जिनका कार्य केवल डिलेवरी डी एन सी अवेध तरीके से कर मोटी रकम बसूल करना है ना तो उनके पास कोई ट्रेंड महिला नर्सिंग स्टाफ है ना ही कोई गयनोलिस्ट है इन हॉस्पिटलों में अन्य रोगों का कोई भी इलाज कराने नही आता है हॉस्पिटल में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा सामान्य डिलेवरी की संभावना होने के बावजूद ऑपरेशन से डिलेवरी की सलाह दी जाती है इन हॉस्पिटलों में सामान्य प्रसव होने पर 7000 से ग्यारह हजार लिए जाते है और सिजेरियन से 20000 से 25000 लिये जाते है इसमें पेशेंट लाने वाले को 30 प्रतिशत कमीशन की राशि दलाल को अर्थात एम्बुलेंस चालक या अन्य जो पेशेंट को बहलाकर लाते हैं उनको दी जाती है इस प्रकार जिला प्रशासन की मिली भगत से मोटा खेल चल रहा है ।