नोआमुंडी, परिवार की मंगल कामना के साथ मंगलवार को माता विपत तारिणी की पूजा अर्चना बड़े ही धूम धाम से की गई। नोआमुंडी के डीवीसी काली मंदिर, मनसा देवी मंदिर, पीडब्ल्यूडी काली मंदिर तीनों ही मंदिरों में महिलाओं की भीड़ सुबह से ही देखने को मिली। महिलाओं ने आज विपत तारिणी व्रत में उपवास रखा। उपवास रखने वाली महिलाओं ने 13 तरह के पकवानों से मां विपद तारिणी की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की।

लोगों ने मां दुर्गा के विपद तारिणी रूप की पूजा की कथा सुनकर परिवार की खुशहाली की कामना की। कथा श्रवण के दौरान पंडित जी ने बताया कि वर्षों पूर्व अवंतीनगर में कर्मदास नामक ब्राह्मण रहता था, जो भिक्षाटन कर जीवन व्यतीत करता था। उनकी पत्नी स्वाहा ने एक केवट से मछली खरीदी, लेकिन तय समय में पैसा नहीं चुका पाने पर केवट ने ब्राह्मणी को खूब बुरा-भला कहा। अपमानित ब्राह्मणी ने रोते-रोते माता दुर्गा का स्मरण किया। कुछ देर बाद माता दुर्गा ने बुढ़िया का रूप धारण कर उसके दरवाजे पर आकर कष्ट पूछा। कष्ट सुनकर बुढ़िया ने उसका घर धन से भर दिया। जब ब्राह्मण घर लौटा तो आश्चर्यचकित हो गया।