पूर्व चेयरमैन की हत्या का सफल अनावरण, 06 गिरफ्तार
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बलरामपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता मंे बताया गया
कि तुलसीपुर निवासी पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद की हत्या कर दी गई थी।
जिसमें उनके भाई आफरोज अहमद उर्फ रिंकू की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत किया
गया था।
घटना के खुलासे के लिये एसपी हेमन्त कुटियाल
द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नम्रिता श्रीवास्तव तथा तुलसीपुर कुंवर
प्रभात सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर वरूण मिश्र तथा क्षेत्राधिकारी उतरौला
उदय राज सिंह के नेतृत्व में 10 टीमो का गठन कर कार्यवाही शुरू की थी।
जिसमें सीसीटीवी चेकिंग टीम, सर्विलांस टीम, क्रिमिनल इंटेलिजेंस कलेक्शन
एवं इंटेरोगेशन टीम प्रमुख थी। सीसीटीवी चेकिंग टीम द्वारा तुलसीपुर में
लगे सीसीटीवी से लगभग 250 फुटेज एकत्र किये गये तथा क्रिमिनल इंटेलिजेंस
टीम द्वारा गोपनीय रूप से सूचनाओं का संकलन किया गया। जिसमें 100 से अधिक
लोगो से पूछताछ कर उनके मोबाइल नम्बरो का विश्लेषण करते हुये घटना का सफल
अनावरण किया गया। जिसमें गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा घटना कारित करना
स्वीकार किया। ज्ञात हो कि 04 जनवरी 2022 तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन
फिरोज अहमद की पूर्व नियोजित तरीके से उनके घर के पास अज्ञात हमलावरो
द्वारा हत्या की घटना को अंजाम दिया गया। जिसके अनावरण के लिये पुलिस के
आलाधिकारी क्षेत्र में कंैप किये गये। घटना में गिरफ्तार किये गये
अभियुक्तगण मेराजुल हक उर्फ मामा व महफूज से पूछताछ करने पर तथा घटना से
संबधित वैज्ञानिक साक्ष्यों की समीक्षा करने पर यह बात प्रकाश में आयी कि
मृतक फिरोज अहमद एवं पूर्व सांसद रिजवान जहीर समाजवादी पार्टी के सक्रिय
सदस्य है। फिरोज अहमद एवं पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी पुत्री जेबा व
दमाद रमीज के बीच समाजवादी पार्टी के टिकट पाने हेतु राजनैतिक
प्रतिद्वन्दिता थी। पूर्व में मृतक फिरोज अहमद, रिजवान जहीर के गुट में
थे परन्तु पिछले कुछ वर्षो में मृतक फिरोज अहमद ने क्षेत्र में अपनी अलग
पहचान बना ली थी और उनकी लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी। पूर्व
में फिरोज तथा वर्तमान में उनकी पत्नी कहकशा तुलसीपुर नगर पंचायत की
चेयरमैन बनीं। फिरोज का राजनैतिक वर्चस्व बढ़ने लगा। दोनों पक्ष समाजवादी
पार्टी का टिकट प्राप्त करने की होड़ में थे और पुरजोर तरीके से टिकट के
लिए पैरवी कर रहे थे। इसी कारण मृतक फिरोज व रिजवान जहीर के बीच
धीरे-धीरे राजनैतिक कटुता बढ़ती गई, जिसमे खुले तौर पर रिजवान जहीर के
दमाद रमीज तथा कार्यकर्ता मेराज द्वारा मृतक फिरोज अहमद को कई बार चैलेंज
किया गया तथा सोशल मीडिया पर टिप्पणी की गई। विधानसभा चुनाव में समाजवादी
पार्टी का टिकट प्राप्त करने में मृतक फिरोज पूर्व सांसद रिजवान जहीर के
रास्ते में आ रहे थे। घटना से पूर्व दोनों पक्ष समाजवादी पार्टी के टिकट
की पैरवी के लिए लखनऊ गए थे। पूर्व सांसद रिजवान जहीर अपनी पुत्री जेबा
के लिये समाजवादी पार्टी के टिकट के लिये प्रयासरत है और दूसरी तरफ मृतक
फिरोज जिसे तुलसीपुर क्षेत्र में हिन्दू मुस्लिम दोनों समुदायों का
समर्थन था वो भी समाजवादी पार्टी से टिकट पाने के लिये अलग अलग माध्यमों
से पैरवी करा रहे थे। इसी राजनैतिक विद्वेष के कारण रिजवान जहीर, रमीज,
जेबा व शकील द्वारा पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद की हत्या का षड्यंत्र बनाया
गया और इस कार्य के लिए उन्होंने अपने नजदीकी मेहराज व महफूज को लगाया।
योजना करीब एक महीने पहले बनाई गई थी जिसमें करीब तीन बार फिरोज को मारने
का प्रयास किया गया परंतु हर बार असफल रहे। 04 जनवरी 2022 को जब पूर्व
चेयरमैन फिरोज अहमद लखनऊ से वापस आए तो रमीज द्वारा शकील के माध्यम से
मेराजुल हक उर्फ मामा व महफूज को अपने कोठी पर बुलाया गया और कार्य पूरा
करने के लिए बोला गया। उसी दिन शाम को जब फिरोज अपने मित्र शाहिद के साथ
घर से निकले थे तभी से मेराज व महफूज घात लगाकर गली में बैठ गए और फिरोज
अहमद के वापस आने का इंतजार करने लगे जैसे ही फिरोज अहमद वापस आए और अपने
घर की तरफ पैदल जाने लगे तभी अभियुक्तगण द्वारा राड और चाकू से उन पर
हमला कर हत्या कर दी गई और भाग गए। मेराज द्वारा घटना करने के बाद रमीज
को सूचना दी गई तथा रात में रिजवान जहीर की कोठी पर जाकर रुक गया। घटना
में अभियुक्तों में मेराजुल हक उर्फ मामा पुत्र एहसानुलहक इमलिया गनेशपुर
थाना हर्रैया, महफूज पुत्र अबुल हासिम जरवा रोड़ कस्बा तुलसीपुर, रिजवान
जहीर पुत्र जहीरूल्हक निवासी शीतलापुर, रमीज पुत्र नियामत खां भंगहाकला
शीतलापुर सांसद आवास तुलसीपुर, जेबा रिजवान पत्नी रमीज शीतलापुर कस्बा,
शकील पुत्र मो. याकूब जेठवारा थाना जेठवारा जनपद प्रतापगढ को हिरासत में
लेकर न्यायालय भेजा गया जहां से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जेल भेज
दिया। जिसमंे विदित हो कि पूर्व सांसद रिजवान जहीर पुत्र जहीरूल्हक के
उपर पूर्व के 14 अभियोग हैं जिसमें हत्या, बलवा के कई अभियोग हैं। वर्ष
2021 में प्रधानी चुनाव के दौरान भी इनके विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किया
गया था तथा एनएसए के अन्तर्गत कार्यवाही की गयी थी। ज्ञात हो कि घटना में
तेजी लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने एक लाख का इनाम भी देने का
घोषणा किया था जो अभियुक्तो का पता बतायेगा। घटना में प्रयुक्त होने वाला
पिस्टल 32 बोर, दो जिन्दा कारतूस, चाकू एक अदद, लोहे का राड, तथा 7 फोन
बरामद किया।
फोटो न01 गिरफ्तार हत्यारोपियों की जानकारी देते एसपी हेमन्त कुटियाल
संवाददाता ताजुद्दीन जिला बलरामपुर