फर्जी सिम का उपयोग कर अपराध / सायबर ठगी करने वाले गिरोह एवं एजेंटों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

सेन्ट्रल जोन नगरीय पुलिस भोपाल प्रेस नोट
स्टेट कोऑर्डिनेटर मध्यप्रदेश भोपाल से साहिल की विशेष रिपोर्ट
MN 8878420082

फर्जी सिम का उपयोग कर अपराध / सायबर ठगी करने वाले गिरोह एवं एजेंटों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

> आवेदक को आज्ञात मोबाइल से काल आया । > जिसमें फरियादी को धर्म परिवर्तन की धमकी दी गई।

> आवेदक द्वारा इसकी शिकायत थाना कोतवाली मे की गई जिसमे त्वरित कार्यवाही कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

भोपाल:- दिनांक 18/07/2023 को वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस उपायुक्त जोन-03 (DCP) – श्रीमान रियाज इकबाल, अति पुलिस उपायुक्त श्रीमान रामस्नेही मिश्रा के मार्गदर्शन एवं सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) श्री नागेन्द्र पटेरिया एवं थाना प्रभारी कोतवाली के दिशा निर्देशन में थाना कोतवाली एवं सायबर टीम द्वारा फर्जी सिम

तैयार करने वाले 03 पीओएस / एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। घटनाक्रम :- दिनांक 02/07/2023 को फरियादी नीरज सोनी निवासी गुर्जरपुरा कोतवाली भोपाल के द्वारा थाना कोतवाली आकर बताया कि उसे धर्म परिवर्तन करने की धमकी आज्ञात मोबाईल नंबर 8305083019 से मिली है जिस पर अपराध के 170/ 23 धारा 507 आईपीसी ईजाफा धारा 420 भादवि 66 सी आईटी एक्ट धारा 3(1)(क)/5

म.प्र. धार्मिक स्वतंत्रता मध्यप्रदेश 2021 का दर्जकर विवेचना में लिया गया।

तरीका वारदात:- मामला इस प्रकार है कि फरियादी के पास अज्ञात मोबाइल नंबर 8305083019 से फोन आता

है और फरियादी को धर्म परिवर्तन करने की धमकी दी जाती है। जिस नंबर से फरियादी को फोन किया जाता है उसकी लोकेशन राजस्थान भरतपुर के नजदीक आती है टीम रवाना होकर भरतपुर में उक्त अज्ञात नंबर की लोकेशन पर आरोपी को तलाश करती है, किंतु आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है बाद उक्त मोबाइल नंबर के कैफ धारक की तलाश हेतु टीम सीधी सिंगरौली रवाना होती है और कैफ धारक को तलाश किया जाता है जो कैफ धारक प्रवेश पिता जगजीवन प्रसाद निवासी अंबेडकर वार्ड थाना सरई जिला सिंगरौली को तलब कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर प्रवेश द्वारा बताया गया कि उसने ब्रजेश से एक ही सिम कार्ड लिया है इस संबंध में ब्रजेश की तलब कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तो बृजेश पिता रामदयाल निवासी घुरबधा थाना भूईमाड़ जिला सीधी के द्वारा जानकारी दी गई की उसके पास JIO तथा VI की एजेंट आईडी है जिससे वह जब कोई कस्टमर VI सिम ईशु कराने आता है तो वह कस्टमर का फिगर दूसरी बार लगा कर साथ ही एक JIO की सिम एक्टिवेट कर लेता था JIO की एक्टिवेट की गई सिम को वह अवैध लाभ कमाने के लिए अनिल जायसवाल नितिन गुप्ता एवं रमेश को बेच दिया करता था अनिल जायसवाल, नितिन गुप्ता एवं रमेश पीओएस एजेंट है जो स्वयं भी फर्जी तरीके से एक्टिवेट की गई सिम को बल्क में राजस्थान व अन्य राज्यों के आरापियों को बेच दिया करते थे जिन 1 सिमों को उपयोग सायबर अपराध व अन्य अपराधों में किया जाता है।

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