चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
बरपाली परियोजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का सम्मान समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ
बरपाली//विकासखंड करतला जिला कोरबा छत्तीसगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम ढोढ़ातराई में आज दिनांक 06/12 /2025 को परियोजना बरपाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका सम्मान समारोह परियोजना स्तरीय मनाया गया, जिसमें मुख्य अतिथियों के द्वारा सरस्वती प्रतिमा का पूजन अराधना एवं माल्यार्पण कर पूजा अर्चना किया गया। जिले में पोषण अभियान एवं स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत महिला सुरक्षा, महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण तथा बाल विवाह रोकथाम विषय पर ग्राम पंचायत ढोढ़ातराई परियोजना स्तरीय शिविर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रतिभागियों को “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” एवं बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई। उक्त कार्यक्रम परियोजना अधिकारी श्रीमती कीर्ति जैन के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी कीर्ति जैन, पर्यवेक्षक बरपाली दीप्ति असाटी, पर्यवेक्षक कोथारी स्वधा सिंह, सोहागपुर हेमलता साहू, उमरेली सीमा यादव, फरसवानी चंद्रप्रभा शर्मा, कनकी शैलेंद्री साहू, मड़वारानी हेमलता राठौर,जनपद सदस्य देवी बाई राजवाड़े, सरपंच सीता सुन्दर धनवार, गिरधारी लाल पटेल रोजगार सहायक,किरण कुमार पी.डी.एस.संचालक,उपसरपंच,पंचगण, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फरसवानी पर्यवेक्षक चंद्रप्रभा शर्मा ने कहा कि नारी हर परिवार की आधारशिला है, जो समाज को अपनी शक्ति और संवेदना से संवारती है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग पर बल देते हुए कहा कि रसोई में स्थानीय रूप से उपलब्ध ताजी सब्जियों और अनाज से तैयार पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
कनकी पर्यवेक्षक शैलेंद्री साहु ने कहा कि “हमारी रसोई ही हमारा औषधालय है”। उन्होंने बताया कि रसोई में मौजूद अनेक खाद्य पदार्थों में औषधीय गुण होते हैं, जो छोटी-मोटी बीमारियों में राहत दिलाने में सहायक हैं।
कोथारी पर्यवेक्षक स्वधा सिंह ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण देना समाज की प्राथमिक आवश्यकता है। कुपोषण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा डालता है। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ समाज की कुरीतियों से भी जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से पोषण अभियान और स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बरपाली पर्यवेक्षक दीप्ति असाटी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-जन तक पहुंचाना है। पर्यवेक्षक हेमलता साहू, ने बाल विवाह रोकथाम के कानूनी प्रावधानों और सामाजिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका मेधावी छात्राओं, क्विज प्रतियोगिता की विजेता बालिकाओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों के द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अंत में उनके उच्च कार्य जैसे कुपोषित बच्चों की पहचान स्वास्थ्य शिक्षा टीकाकरण और पोषण वाटिका प्रबंधन के लिए उन्हें सम्मानित किया गया जिसे उनके उत्साह में वृद्धि हुई सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी थी जिसे स्थानीय स्तर पर बाल विकास और पोषण को बढ़ावा मिला।
मुख्य बातें
उद्देश्य: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के अथक प्रयासों को पहचानना और उन्हें प्रोत्साहित करना।
कार्य: ये कार्यकर्ता बच्चों किशोरियों गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण स्वस्थ्य जांच ,टीकाकरण, विद्यालय पूर्व शिक्षा और सामुदायिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्य करती है।
समारोह का प्रभाव: सम्मान समारोह से उनका मनोबल बढ़ा है, और वे “सक्षम आंगनबाड़ी” जैसी योजनाओं जिसमें एलइडी टीवी, आरो फिल्टर, पोषण वाटिका आदि शामिल है, को लागू करने और पोषण 2.0′ के लक्ष्यों को प्राप्त करने में और अधिक सक्रिय होगी।
स्थान: यह आयोजन बरपाली परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम ढोढातराई में हुआ, जो बाल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
संक्षेप में: यह समझ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण का जश्न मनाने और उन्हें बेहतर से प्रदान करने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण कदम था जिससे समुदाय को लाभ हुआ।