राजाखेड़ा आम रास्ता अतिक्रमण और धोखाधड़ी का मामला

राजाखेड़ा आम रास्ता अतिक्रमण और धोखाधड़ी का मामला,आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग। सरपंच व ग्राम विकास अधिकारीयों और अन्य लोगों के खिलाफ कोर्ट इस्तगासा के आधार पर कराई रिपोर्ट दर्ज।

 

राजाखेड़ा।राजाखेडा क्षेत्र के ग्राम बाबरपुर निवासी पंकज सिंह ने भूमि अतिक्रमण और धोखाधड़ी के मामले में स्थानीय न्यायालय में परिवाद दायर किया है। पंकज सिंह का आरोप है कि अभियुक्तों ने सरकारी भूमि और आम रास्ते पर अतिक्रमण कर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उस पर कब्जा किया और उसे बेचने के लिए झूठे प्रमाण पत्र तैयार किए।प्रार्थी के अनुसार 2022 में ग्राम बाबरपुर में उनके घर और पशुबाड़े के रास्ते पर अतिक्रमण किया गया था।उन्होंने उपखण्ड अधिकारी को शिकायत दी। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।इसके बाद अभियुक्तों ने ग्राम पंचायत देवखेडा के सरपंच और ग्राम विकास अधिकारियों की मदद से फर्जी स्वामित्व प्रमाण पत्र तैयार किया।और सरकारी भूमि को हड़पने की योजना बनाई।पंकज सिंह का कहना है कि उन्होंने 13 नवम्बर 2024 को थाना राजाखेडा को लिखित रिपोर्ट दी।लेकिन आरोपियों के प्रभावशाली होने के कारण अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया और कोर्ट से इस्तगासा के आधार पर रिपोर्ट थाना राजाखेड़ा भिजवाई । न्यायालय में लगाई अपील कि थानाधिकारी को निर्देश दिए जाएं कि एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।इस मामले में आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।जिसमें धोखाधड़ी, अतिक्रमण और कूटरचना शामिल हैं।अब इस मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
इस मामले में प्रार्थी ने न्यायालय से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है और मामले की त्वरित सुनवाई की अपील की है। कोर्ट इस्तगासा राजाखेड़ा थाना में प्राप्त होने के बाद हुई रिपोर्ट दर्ज पंकज सिंह का कहना है कि इस प्रकरण को लेकर मैं स्वयं उपखंड अधिकारी जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरडा एवं जिला परिषद सीईओ को भी लिखित में दे चूका हूं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मुझे न्यायालय की शरण में जाना पड़ा।

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