राजाखेड़ा में मंगलवार शाम बदला मौसम का मिजाज,
तेज अंधड़ से 132 केवी लाइन के टूटे आधा दर्जन टावर विद्युत आपूर्ति हुई ठप,
पानी के प्लांटों पर टूटी लोगों के भीड़
राजाखेड़ा ——– राजाखेड़ा कस्बे में मौसम ने अचानक बदलाव देखने को मिला है। मंगलवार शाम करीब 5 बजे आई तेज धूल भरी आंधी से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अंधड़ के कारण दर्जनों पेड़ उखड़ गए तो वहीं अंधड़ ने विद्युत तंत्र को भी काफी नुकसान पहुंचा है। अंधड़ के कारण 132 केवी लाइन के करीब आधा दर्जन टावर टूटने की जानकारी सामने आ रही है। टावर टूटने के कारण पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
132 केवी लाइन के टूटे टावर, विद्युत आपूर्ति हुई ठप

उपखण्ड में मंगलवार शाम आई तेज आंधी ने खासा नुकसान पहुंचाया है। आंधी के कारण धौलपुर से राजाखेड़ा के लिए आई 132 केवी लाइन के करीब आधा दर्जन टावर टूटने की जानकारी सामने आ रही है। जिससे पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। विद्युत निगम के अधिकारियों द्वारा लाइन का मौका निरीक्षण किया जा रहा है।
भीषण गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल है।
आरओ प्लांटों पर उमड़ी लोगों की भीड़-:
तेज अंधड़ के कारण मंगलवार शाम 132 लाइन के टावर धराशाई होने के बाद पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप बनी हुई है ऐसे में लोगों को अब पीने के पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है लाइट ना आने के कारण लोगों की आरओ प्लांट पर भीड़ जमा हो गई। प्लांट संचालकों ने भी बोतल के दामों में इजाफा कर दिया है।
अंधड़ के कारण मकान की दीवार हुई धराशाही-:
मंगलवार शाम आए तेज अंधड़ के कारण राजाखेड़ा के चंबल तटवर्ती गांव हेतसिंह का पुरा में एक मकान की दीवार गिर गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई भी जनहानि नहीं हुई है।
इनका कहना है-:
मंगलवार शाम आए चक्रवाती तूफान के कारण राजाखेड़ा क्षेत्र में 132 केवी लाइन के टावर टूटने की जानकारी सामने आई है। कितने टावर टूटे हैं अभी इसकी सही जानकारी नहीं मिल सकी है।
आर.के. जोनवाल, जोनल चीफ भरतपुर।
चक्रवाती तूफान के कारण राजाखेड़ा क्षेत्र में बिजली का टावर टूट गया है। 24 घंटे के अंदर विद्युत आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जाएगी।
श्री निधि बीटी, जिला कलेक्टर,धौलपुर।
राजाखेड़ा क्षेत्र में अंधड़ के कारण 132 केवी लाइन के करीब सात टावर टूट गए हैं। लाइन को हुए नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल हो सके इसके लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
मयंक मिश्रा, जेईएन, मरैना। संवाददाता मनोज राघव राजाखेड़ा