ब्यूरो रिपोर्ट छ. ग. रायगढ़ से महेंद्र अग्रवाल R9 भारत
#रेल्वे साइडिंग की MTM कंपनी के डाइयरेक्टर,अधिकारी ,मैनेजर की तानाशाही से सैकड़ों मजदूरों की रोजी रोटी खतरे में….

रायगढ़ = जिला मुख्यालय से महज 20/25 की. मी. की दुरी पर रायगढ़ पूर्वांचल में स्थित जामगांव स्टेशन रेल्वे साइडिंग में दर्जनों गांव के सैकड़ों मजदूरों की रोजी रोटी खतरे में पड़ने की जानकारी प्राप्त हो रही हैँ, जँहा रेल्वे साइडिंग में कई वर्षो से कार्यरत मजदूर कड़ी मेहनत करते हुए कम्पनी का काम समय पर पूरा कर के देते आ रहे हैँ लेकिन यहाँ कम्पनी के डायरेक्टर,अधिकारी, मैनेजर की तानाशाही रवैये से स्थानीय मजदूर काफ़ी परेशान और आक्रोषित दिखाई पड़ रहे हैँ!
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरा मामला कुछ इस तरह का हैँ की जामगांव रेल्वे साइडिंग में काम करने वाली कंपनी जिसका नाम मरीनमय ट्रेडिंग एंड मूवर्स प्रा. ली. हैँ जिसे क्षेत्र में MTM कम्पनी के नाम से जाना जाता हैँ, लेकिन आज तक इस अम्पनी के काम काज और रजिस्टेशन की जांच नही होना सोचने वाला विषय है!
स्थानीय मजदूरों द्वारा दी गई जानकारी अनुसार सभी मजदूर रोजाना की तरह दिनांक 13/03 /2025 को भी अपने काम पर अये हुए थे यहाँ आने के बाद उस समय मजदूरों को बड़ा झटका लगा की ज़ब कम्पनी के अधिकारी मैनेजर द्वारा उन्हें बताया गया की सभी मजदूरों को काम से निकला जा रहा हैँऔर उनकी जगह बाहरी मजदूरों को काम पर रखजायेगा, जैसे ही इस बात की जानकारी मजदूरों के बिचआई तो सभी मजदूर एक जुट होकर कम्पनी से बात चित करने पहुंचे तो कम्पनी के अधिकारी मैनेजर द्वारा हमेशा की तरह उन्हें काम से निकालने जैसी धमकियों के साथ उनका शोषण किया जाता हैँ, जिससेपीड़ित स्थानीय मजदूर कम्पनी के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन करनेपर मजबूर हो गया , मजदूरों में विनोद सिदार, घंसीराम, देवानंद, उग्रेशन, गजानंद, शंकर नागवंशी, छोटे लाल मिर्धा, कार्तिक राम मिर्धा, आनंद यादव, छोटे लाल राणा, मंगल गुप्ता, नोहर चौहान मेन सिंह, कृष्णा पटेल एवं अन्य मजदूर साथी जो की राम कुकूर्दा, जामगांव, छुहिपाली, नावापारा, सपनाई, सिकोसीमाल, अड़बहल के साथ और भी कई गांव के लोग जब से कम्पनी सुरु हुई हैँ काम कर अपनी रोजी रोटी चलाते आ रहे हैँ, मजदूरों का कहना हैँ की MTM कम्पनी के अधिकारी मैनेजर अपने निजी फायदे लेने केकारण हम सभी को बिना किसी गलती के काम से निकालने और बाहरी मजदूरों से काम कराने की बात कह रहे इन के इस तानाशाही रवैये सेऔर साजिस रचने से हम मजदूरों का शोषण हो रहा हैँ ऐसे में हम अपना और परिवार वालो का पालन पोषण कैसे कर पाएंगे यदि इस मामले में कम्पनी द्वारा उचित निर्णय नही लिया जायेगा तो मजदूर सभी अपने घर परिवार बच्चों के साथ बड़े प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदार पूरी पूरी कम्पनी की होंगी