वन रक्षक पर बलपूर्वक दस्तखत करवाने का लगा आरोप, वरिष्ठ अधिकारियों से हुई शिकायत.,

चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
वन रक्षक पर बलपूर्वक दस्तखत करवाने का लगा आरोप, वरिष्ठ अधिकारियों से हुई शिकायत.,..
कोरबा// वनमंडल कोरबा के करतला वन परिक्षेत्र में पदस्थ वन रक्षक गीता नेताम पर गंभीर आरोप लगाते हुए वनमंडलाधिकारी कोरबा कलेक्टर कोरबा पुलिस अधीक्षक कोरबा और प्रदेश के वन मंत्री से शिकायत की गई है!

क्या है पूरा मामला.,….

 

शिकायतकर्ताओं की माने तो करतला वन परिक्षेत्र के द्वारा वन अधिनियम के अंतर्गत मार्च 2024 में अपराध क्रमांक/पीआरओ 5627/13 दर्ज किया गया है जिसमें दो आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा जेल भेज दिया गया और सात अन्य आरोपी को फरार घोषित कर न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया फरार सभी आरोपीयों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया और न्यायालय के द्वारा उन्हें जमानत दे दी गई है!

वन परिक्षेत्र करतला के द्वारा सातों आरोपीयों को 16/08/24 को समय सुबह 11:00 बजे करतला कार्यालय में उपस्थित हो कर अपना बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था लेकिन वन रक्षक गीता नेताम 16 तारीख को सुबह फोन करके उन्हें ग्राम लबेद के रामभांठा में बने वन विभाग के भवन में बयान लेने के लिए बुलाया गया जहाँ पर उनके साथ हर नारायण बंजारे और विजेंद्र सिंह नेटी साथ में थे और उन लोगों के द्वारा आरोपीयों को बारी बारी से अलग अलग कमरें में बयान लीया गया और उन आरोपीयों को शाम 07 बजे तक बाहर में बैठाकर रखा गया उसके बाद गीता नेताम और उनके सहयोगियों के द्वारा अपने मन मर्जी से लिखे बयान पर उन आरोपीयों को दस्तखत करने के लिए बोला गया तब आरोपीयों ने पढ़कर सुनाने और पढ़ने की बात कही गई तो जबरजस्ती बलपूर्वक चार आरोपीयों का अपने द्वारा लिखे गए बयान पर और कोरे कागज पर दस्तखत करवा लिया गया और शेष तीन आरोपीयों का दस्तखत नहीं करवा पाये!

वन परिक्षेत्र करतला के द्वारा जीन तीन आरोपीयों का दस्तखत नहीं हुआ था उन्हें फिर से 21/08/24 को बयान लेने के लिए नोटिस दिया गया है लेकिन आरोपीयों कहना है की हमारे द्वारा अपना बयान दर्ज करवा दिया गया है और करतला वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी जबरजस्ती हमें झूठे केस में फंसाना चाहते हैं इसलिए हमारे द्वारा दिए गए बयान को दर्ज न कर अपने मनमर्जी से बयान लिख रहे हैं और हमें जबरजस्ती बलपूर्वक दस्तखत करवाना चाहते हैं! सभी आरोपीयों ने इसकी शिकायत वनमंडलाधिकारी कोरबा के साथ आला अधिकारियों से की है और उनके खिलाफ दर्ज अपराध की जांच किसी अन्य अधिकारी से करवाने की मांग की गई है!

क्या आरोपीयों के खिलाफ दर्ज अपराध है फर्जी?

आरोपीयों के खिलाफ वन परिक्षेत्र करतला द्वारा दर्ज अपराध फर्जी है क्या बड़ा सवाल है ?न्यायालय में पेश की गई चालान की कापी को देखने और कानून के जानकारों की माने तो आरोपीयों को करतला वन परिक्षेत्र के द्वारा जंगली सूअर को मारने और जंगल में आग लगाने का आरोप लगाकर 25 मार्च 2024 को दो आरोपी को गिरफ्तार किया गया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया लेकिन जो न्यायालय में चालान पेश किया गया है उसमें अपराध क्रमांक 5627/13 दर्ज है और कई दस्तावेज रायगढ़ जिला के छाल वन परिक्षेत्र हाथी से संबंधित केस की दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है जिसमें कानून के जानकर सवाल खड़े कर रहे हैं?

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