वाराणसी इण्डियन मेडिकल एसोसियेशन हरियाणा ने डॉ दम्पति को “बेटी नहीं है बोझ आओ बदले सोच” के लिए एक विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया!

वाराणसी इण्डियन मेडिकल एसोसियेशन हरियाणा ने डॉ दम्पति को “बेटी नहीं है बोझ आओ बदले सोच” के लिए एक विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया!

आलोक कुमार सिंह, वाराणसी

आई एम ए हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ करन पुनिया तथा सचिव डॉ मुकेश पनवार ने दिया, विदित हो कि डॉ शिप्रा धर पिछले आठ सालो से बेटियों के जन्म पर कोई शुल्क नहीं लेती तथा 50 से ज्यादा बच्चियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कराती है! डॉ दम्पति हर महीने के पहली (01) तारीख को क्षेत्र की लगभग 70 या 80 ज़रूरत मंद एवं बिधवा महिलाओं को निःशुल्क अनाज तथा वस्त्र भी उपलब्ध कराते हैं!
भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने डॉ क्षिप्रा के कार्यों को सराहा है तथा उन्हें सम्मानित भी किया है! डॉ मनोज कुमार श्रीवास्तव को कोरोना महामारी के समय कोविड-19 पर समाज को जागरूक करने हेतु तीन पुस्तकें लिखी जिनमें प्रमुख रूप से “लाँक डाउन की लक्ष्मण रेखा”, “कोरोना हारेगा देश जीतेगा” तथा “कोविड-१९ गाइड लाइन्स एण्ड मैनेजमेंट” है! विदित हो कि डॉ मनोज कुमार श्रीवास्तव को अभी हाल में आप के स्वास्थ्य पत्रिका के संपादन हेतु बेस्ट पत्रिका का पुरस्कार भी मिला, डॉ दम्पति के इस उपलब्धि पर चिकित्सक समुदाय ने बधाई एवम् शुभकामनाएँ दी, “भारत विकास परिषद वरुणा” एवम् अनेकों समाजिक संस्थाओं ने भी इस विशेष उपलब्धि हेतु डा दम्पति के कार्यों को सराहा तथा बधाई दी! वाराणसी का नाम भी रौशन करने में ये डॉ दम्पति आगे हैं।

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