शिक्षित नारी से ही परिवार एवं समाज का विकास सम्भव: रंजन

शिक्षित नारी से ही परिवार एवं समाज का विकास सम्भव: रंजन
भरतपुर। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास तथा महिला अधिकारिता विभाग द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मंगलवार को स्थानीय नगर विकास न्यास के आॅडिटोयिम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला कलक्टर आलोक रंजन के मुख्य आतिथ्य में माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ।
कार्यक्रम में जिला कलक्टर रंजन ने कहा कि महिलाएं समाज में समानता के अधिकार के तहत अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को खुले से शौच मुक्ति में महिलाओं के प्रयासों से ही सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा चलायी जा रही जनकल्याणकारी योजना एवं समाज सुधार के अभियानों में महिलाएं सक्रिय भागीदारी का निर्वहन कर सफल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि एक पढ़ी-लिखी नारी से पूरे परिवार के साथ ही समाज में भी सुधार एवं विकास सम्भव है। उन्होंने कहा कि भरतपुर जिला शिक्षा एवं महिला व बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य के अन्य जिलों से पीछे है, इसमें सुधार के लिए आप सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें सम्मानित किया जाना खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का जज्बा महिलाओं में इस अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दिखाई दे रहा है, यह जज्बा निरंतर बनाये रखना होगा तभी हम कार्यक्रम की सार्थकता साबित कर सकेंगे।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजय गोदारा ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक संरक्षण के लिए शिक्षा की महती आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए कई प्रकार के कानून बनाये गये हैं इसके लिए महिलाओं में विधिक साक्षरता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2022 को महिला वर्ष के रूप में घोषित कर महिलाओं के संरक्षण के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने कहा कि समाज में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी होने के पश्चात भी अभी तक सामाजिक अधिकार नहीं मिल सके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं के संरक्षण के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह से तत्पर है इसके लिए पुलिस कंट्रोल रूम 100 नम्बर के साथ ही ई-मेल आईडी पर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नारी का अपमान करता है तो वह मानव कहलाने लायक नहीं है।
महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक अमित गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में समेकित बाल विकास सेवाऐं के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली कुल 30 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं आषा सहयोगिनियों को माता यशोदा पुरूस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु सोशल वेलफेयर एवं रिसर्च ग्रुप भरतपुर के प्रतिनिधी बलवीर सिंह को वर्ष 2022 का इन्द्रा महिला शक्ति प्रोत्साहन एवं सम्मान योजना अन्तर्गत सम्मानित किया गया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सीडीपीओ कुम्हेर महेन्द्र अवस्थी ने किया।

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