3 साल से अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे युवक ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र के सामने ली अर्द्ध भू समाधि
भरतपुर. शहर के एक युवक द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र के सामने अर्द्ध भू-समाधि ली गई है। अनुकंपा नियुक्ति के लिए तीन साल से भटक रहे प्रिंस नगर निवासी 23 वर्षीय राधेश्याम उर्फ गौरव के पिता सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। उनका 1999 में फील्ड ऑपरेशन के दौरान नीमच (मध्यप्रदेश) से रांची (झारखंड) जाते समय दिमागी बुखार से निधन हो गया था। उन्हें शहीद का दर्जा भी नहीं मिला। सीआरपीएफ कांस्टेबल के निधन के समय राधेश्याम उर्फ गौरव 3 महीने का था। वह अनुकम्पा नोकरी के लिए पिछले 23 वर्षों से इंतजार करने के साथ सीआरपीएफ, राजस्थान सरकार, राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। बताया गया कि सीआरपीएफ की तरफ से 2020 में राजस्थान सरकार को लेटर लिखा उसे कनिष्ठ लिपिक की नौकरी देने की सिफारिश भी की गई लेकिन उसे अब तक यह नौकरी भी नहीं मिली है। परेशान होकर राधेश्याम बुधवार को सुबह ट्रैफिक चौराहा पर पहुंचा और यहां महाराजा सूरजमल की प्रतिमा के पास अर्द्ध भू-समाधि ले ली। युवक का कमर से ऊपर छाती तक का शरीर जमीन में गड़ा है। जानकारी मिलने पर तहसीलदार युवक से बात करने पहुंचे, लेकिन युवक नौकरी की बात पर अड़ा रहा। इस बीच तहसीलदार लौट गए। गौरतलब है अपनी इसी माँग को लेकर युवक राधेश्याम तीन बार पानी की टंकी पर चढ़ कर प्रदर्शन कर चुका है।।
भरतपुर से हेमंत दुबे