चोरी करने का नया तरीका
खरीदी केन्द्र के धान को चोरी से बेचने का प्रयास
बढ़ईटोला.धान खरीदी केंद्र के धान को संग्रहण केंद्र घोठिया ले जाते हुए ट्रक के ड्राइवर द्वारा डोंगरगढ़ रास्ते में चोरी से बेचने के प्रयास करते हुए पकड़े गए। पकड़े जाने के बाद धान की चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। यहां खरीदी केन्द्र से धान की जो बोरियां सरकारी संग्रहण केंद्र दामरी भेजी जाती थीं उनमें से कुछ बोरियों के धान को बंबू मार कर दो से 3 किलो निकालकर अलग अलग बोरियों में भरा जाता था जिसके बाद धान खरीदी केंद्र और संग्रहण केंद्र के रास्ते के बीच में ट्रक ड्राइवर द्वारा कोचिया या किसानों को औने पौने रेट पर बेच देता था प्रत्येक दिन की तरह कल भी ट्रक क्रमांक सीजी 08 वाई 3121 के ड्राइवर के द्वारा सड़क किनारे कोचिओ को बुलाकर धान बेच रहे थे उसी वक्त रास्ते से गुजर रहे राहगीरों ने देखा तो आसपास के लोगों को फोन किया जिसके बाद ट्रक ड्राइवर और कोचियो को शक हुआ तो तुरंत चोरी किए धान को छोड़कर राहगीर की आंखों में धूल झोंक कर भाग गए । बाद में ग्रामीण इकट्ठा हुए तो 3 बोरी 40 -40 किलो की भर्ती धान की बोरियां सड़क किनारे पड़ी हुई थी। जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा 112 और एसडीएम को तत्काल फोन किया गया एसडीएम के द्वारा तुरंत पुलिस टीम को भेजा गया जिसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा ट्रक मालिक को फोन कर कर यह सब घटना बताए गए जिसके बाद ट्रक मालिक ने कहा कि जो भी ट्रक ड्राइवर द्वारा चोरी करके माल बेचा गया है उसकी भरपाई ट्रक मालिक द्वारा किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रक ड्राइवर द्वारा जो चोरी की गई उसका भरपाई मालिक द्वारा तो किया जाएगा लेकिन इस प्रकार चोरी किए जाने और कोचिओ के द्वारा खरीदे जाने पर जांच टीम गठित कर जांच कराई जानी चाहिए एवं ट्रक ड्राइवर पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन ट्रक ड्राइवर पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने को लेकर ग्रामीण हैरान है।
चश्मदीद ने बताया डिस्कवर बाइक में थे चोर सवार
चश्मदीद ने बताया कि ट्रक का माल ऊपर से नीचे उतारकर डिस्कवर बाइक में रखा गया था जिसका रंग नीला है चश्मदीद ने बताया कि रात होने की वजह से उसका नंबर नहीं देख पाया।
दामरी संग्रहण केंद्र में रोज आते हैं 30 से 35 ट्रक धान
दामरी संग्रहण केंद्र राजनांदगांव जिले का सबसे बड़ा संग्रहण केंद्र है जिसकी वजह से अधिक खरीदी केंद्रों का धान यहां पर लाया जाता है। सूत्रों की मानें तो प्रत्येक दिन 30 से 35 ट्रक संग्रहण केंद्र दामरी में आते हैं ।
रात (सुमसाम) के वक्त देता है चोरी को अंजाम
ट्रक ड्राइवरों द्वारा मालिक को पता ना चले इसकी वजह से ड्राइवर रात के वक्त कोचिओ को फोन लगाते हैं और कोचिया जब आते हैं तो उनकी गाड़ी में धान की बोरी रख देते हैं और कोचिया उसके बदले में ट्रक ड्राइवर को पैसा देकर चले जाते हैं।
समितियों को उठानी पड़ती है घाटा
समितियों के प्रबंधक से बात करने पर पता चला कि धान खरीदी केंद्र से 600 से 700 बोरे प्रत्येक ट्रक में भेजे जाते हैं प्रत्येक बोरे में 40 किलो की भर्ती रहता है उस हिसाब से 240 क्विंटल से 280 क्विंटल का वजन ट्रक मैं भेजा जाता है लेकिन जब धर्म कांटा में तौल किया जाता है तो 2 से 3 क्विंटल की कमी आता है जिसका नुकसान समितियों सहित शासन को सुखत के रूप में उठानी पड़ती है।
जांच की जाए तो बड़े-बड़े लोगों के आएंगे नाम
ट्रक ड्राइवरों की मोबाइल की अगर जांच की जाए तो बड़े-बड़े लोगों के नाम आएंगे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ड्राइवर द्वारा कोचिओ को फोन लगाया जाता है अगर अधिकारी द्वारा ड्राइवरों को फोन की जांच के जाए तो बड़े-बड़े कोचिओ के नाम का खुलासा हो सकते हैं। जो इस चोरी को अंजाम देते हैं।