मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का मनाया गया 59 वां पुण्य स्मृति दिवस
भरतपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय उप सेवा केंद्र वैर पर मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का 59 वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मातेश्वरी की स्मृति के गीत के साथ “ममता तेरे कितने गहरे सारा जग समा गया” ब्रह्माकुमारी संस्कृति बहन ने की। रिया बहन ने मम्मा के विचारों और कार्यों वर्णन करते हुए कहा कि मम्मा रात को 2 बजे जागकर परमपिता परमात्मा को याद करती थी। मुरली को बहुत ध्यान से सुनती थी और दूसरों को सुनाती थी। मम्मा किसी भी परिस्थिति में हलचल में नहीं आती थी। वह गंभीरता की मूर्ति थी। विशिष्ट अतिथि महात्मा गांधी राजकीय स्कूल वैर की प्रधानाचार्य मीना सिंघल, व्यापार मंडल अध्यक्ष भ्रा. राधे जिंदल ने भी मातेश्वरी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। राज. ब्र. कु. प्रवीणा दीदी, प्रभारी उपसेवा केंद्र डीग ने कहा कि मम्मा 17 वर्ष की अल्पायु में ओम मण्डली में आई और उनकी तेज बुद्धि और गंभीरता के कारण बाबा ने उनको सर्व जिम्मेदारी सौंप दी। वे ओम राधे से मम्मा बन गई। सबको मातृवत पालना दी। 24 जून 1965 को मम्मा इस भौतिक जगत को छोड़ कर चली गई। ब्र. कु गीता बहन ने मम्मा की स्मृति का दिव्य गीत गाया एवं मंच संचालन किया। इस मौके पर हिम्मत भाई, विष्णु, सीताराम, रामजीलाल, राधा माता, आशा, कमलेश, सिलोचना सहित अनेकों लोग मौजूद रहे।।
भरतपुर से हेमंत दुबे