चित्रलेखा श्रीवास की रिपोर्ट
धरमजयगढ़ वन क्षेत्र में लौटा लोनर हाथी,
वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ली राहत की सांस
कोरबा//जांजगीर-चांपा तथा बिलासपुर जिले में उत्पात मचाकर खतरनाक लोनर हाथी धरमजयगढ़ लौट गया है। लोनर हाथी के अन्यत्र जाने से अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार लोनर हाथी धीरे-धीरे जंगल के रास्ते कुदमुरा वन परिक्षेत्र की सीमा को पार कर धरमजयगढ़ जंगल में प्रवेश कर लिया। इसके पहले लोनर हाथी कटघोरा वनमंडल के चैतमा तथा कोरबा के बालको वन परिक्षेत्र में दो ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने के बाद ग्राम पसरखेत करतला तथा कोरबा परिक्षेत्र के जंगल होते हुए ग्राम कुदमुरा पहुंच गया था और वहां मौजूद दो हाथियों के दल में शामिल हो गया था। कुदमुरा में मौजूद हाथियों के साथ लगभग 48 घंटे रहने के बाद लोनर हाथी आगे बढ़ा और धरमजयगढ़ क्षेत्र जोवा जंगल पहुंच गया। लोनर हाथी के मूव्हमेंट के दौरान वन विभाग का अमला लगातार निगरानी करता रहा।
जैसे ही उसने जिले की सीमा को पार किया, संबंधित वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई, जिस पर वहां का अमला सतर्क हो लोनर हाथी की निगरानी में जुट गया है। लोनर हाथी के कुदमुरा क्षेत्र में रहने के दौरान वन विभाग द्वारा उसकी लगातार निगरानी ड्रोन कैमरे के जरिए की जाती रही। दो हाथी अभी भी कुदमुरा जंगल के कक्ष क्रमांक 1140 में जमे हुए हैं। जिनकी निगरानी जारी है। उधर कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज में हाथियों द्वारा फसल रौंदे जाने का क्रम जारी है। यहां के कोरबी सर्किल में सक्रिय 48 हाथियों के दल ने पुनः खेतों में पहुंचकर धान की फसल को रौंद दिया है। हाथियों द्वारा लगातार खेतों में उत्पात मचाए जाने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं।
वन विभाग के सीसीएफ बिलासपुर सर्किल प्रभात मिश्रा कोरबा पहुंच वन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली एवं विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करने के बाद निरीक्षण करने मौके पर पहुंचे। उन्होंने बालको परिक्षेत्र में कराए गए पौधरोपण के साथ ही अन्य कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
इस दौरान डीएफओ अरविंद पीएम, एसडीओ द्वय आशीष खेलवार, सूर्यकांत सोनी व अन्य अधिकारी साथ थे।