मिशन इंद्रधनुष का लाभ उठाएँ, बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएँ जनपद में आठ मार्च से शुरू होगा आईएमआई 4.0 अभियान

मिशन इंद्रधनुष का लाभ उठाएँ, बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएँ

जनपद में आठ मार्च से शुरू होगा आईएमआई 4.0 अभियान

आलोक कुमार सिंह, वाराणसी

• समझदारी दिखाएँ कोरोना काल में भी बच्चों का टीकाकरण जरूर कराएं
• छूटे हुये दो वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती का लगेगा टीका
•पाँच साल में सात बार, छूटे न टीका एक भी बार

वाराणसी, 21 फरवरी 2022 – कोरोना के चलते या किन्हीं अन्य कारणों से जिन बच्चों व गर्भवती का नियमित टीकाकरण छूटा है, अब उनका टीकाकरण पूरा किया जाएगा। इसी के मद्देनजर सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में आठ मार्च से शुरू होने वाले सघन मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई 4.0) अभियान के चौथे राउंड की तैयारियों को लेकर संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित हुई | मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी के नेतृत्व में कार्यशाला की शुरुआत की गयी। इस दौरान ग्रामीण एवं शहरी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी) व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (एचईओ) को अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ वीएस राय ने बताया कि बच्चों का नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है। इसी क्रम में जनपद में आईएमआई 4.0 अभियान आठ मार्च से शुरू किया जाएगा । यह अभियान एक सप्ताह तक रविवार व सरकारी अवकाश में भी संचालित किया जाएगा। सत्र का आयोजन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक किया जाएगा, जिसमें छूटे हुये दो वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती का टीकाकरण किया जाएगा। कार्यशाला में समस्त एमओआईसी व एचईओ का नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, मिशन इंद्रधनुष के बारे में प्रस्तुतीकरण के जरिये संवेदीकरण किया गया। उन्होने बताया कि अभियान के तहत एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा सर्वे का कार्य किया जाएगा, जिसमें छूटे हुये दो वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती को चिन्हित कर सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद माइक्रोप्लान तैयार कर आठ मार्च से 15 मार्च तक आईएमआई 4.0 अभियान चलाया जाएगा।
डॉ राय ने कहा कि ‘पाँच साल में सात बार, छूटे न टीका एक भी बार’ संदेश पर शासन का पूरा ज़ोर है, जिसमें दो वर्ष तक के सभी बच्चों का पूर्ण टीकाकरण एवं दो से पाँच वर्ष तक के बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण बेहद जरूरी है। पाँच साल सात बार यानि जन्म के समय, छठवें सप्ताह, 10वें सप्ताह, 14वें सप्ताह, नौ से 12 माह, 16 से 24 माह एवं 5 से 6 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण किया जाना जरूरी है। इस दौरान 11 प्रकार के टीके लगाए जाते हैं जिसमें पोलियो की खुराक, बीसीजी, हेपेटाइटिस बी, रोटा वायरस, पोलियो , पेंटावैलेंट, न्यूमोकोकल वैक्सीन (पीसीवी), मीजल्स-रूबेला (एमआर) एवं डिप्थीरिया-पर्ट्यूसिस-टिटनेस (डीपीटी) का टीका शामिल है। गर्भवती को टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाएगा।
इस मौके पर एसीएमओ (आरसीएच) डॉ एके मौर्या ने कहा कि आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सर्वे के दौरान छूटे हुये बच्चों व गर्भवती की ड्यूलिस्ट तैयार कर जल्द से जल्द संबन्धित एमओआईसी को प्रदान करें जिससे समय से माइक्रोप्लान बनाया जा सके।
कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) के एसएमओ डॉ जयशीलन ने प्रस्तुतीकरण के जरिये आईएमआई 4.0 तैयारियों व वैक्सीन कोल्ड चेन प्वाइंट पॉइंट के प्रबंधन के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी। उन्होने बताया कि अभियान के दौरान लक्षित समूह छूटे हुए दो वर्ष तक बच्चे व गर्भवती, मार्च 2020 में जन्मे समस्त बच्चे, एक या दो टीके से छूटे बच्चों को शामिल किया जाएगा। अभियान में शहरी मलिन बस्ती, प्रवासी मलिन बस्ती, ईंट भट्टे व भवन निर्माण कार्य एवं टीका से मना करने वाले परिवारों के बच्चों को उच्च जोखिम क्षेत्रों में रखा गया है। इन क्षेत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा। यूनिसेफ के डीएमसी डॉ शाहिद ने कम्यूनिकेशन मोबिलाइज़ेशन व जन जागरूकता की योजना व रणनीति के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होने बताया कि टीकाकरण सत्र के दौरान कोविड अनुकूल व्यवहार (कैब) का पूर्ण रूप से अनुपालन किया जाएगा।
इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ सुरेश सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ एके पांडे, डीएचईआईओ हरिवंश यादव, समस्त एमओआईसी, एचईओ, एआरओ अनूप उपाध्याय, डबल्यूएचओ से डॉ जयशीलन, सतरुपा, यूनिसेफ से डॉ शाहिद, यूएनडीपी से वीसीसीएम रीना वर्मा एवं अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


error: Content is protected !!