शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती-2022 में धांधली का बड़ा मामला आया सामने

जयपुर 28 जनवरी 2026

शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती-2022 में धांधली का बड़ा मामला आया सामने

पीटीआई भर्ती: डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की, दिखाई फर्जी डिग्री,SOG ने दर्ज की एफआईआर

एसओजी ने दो अभ्यर्थियों के खिलाफ की एफआईआर दर्ज भोपाल की दो निजी यूनिवर्सिटी का भी जिक्र

जयपुर: राजस्थान में साल 2022 में हुई शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती-2022 में धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया है. एसओजी की पड़ताल में सामने आया है कि दो अभ्यर्थियों ने पहले डमी अभ्यर्थी बिठाकर पीटीआई भर्ती की लिखित परीक्षा पास की. इसके बाद दस्तावेज सत्यापन में जो डिग्री पेश की, वह भी एसओजी की जांच में फर्जी निकली है.
अब एसओजी ने दो अभ्यर्थियों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है. इसमें भोपाल की दो अलग-अलग निजी यूनिवर्सिटी का भी जिक्र है. एसओजी के डीआईजी परिस देशमुख का कहना है कि शिकायत के आधार पर एसओजी ने परिवाद दर्ज कर जांच की थी. धांधली सामने आने पर दो चयनित अभ्यर्थियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिनकी जांच और अग्रिम अनुसंधान जारी है.

शिकायत पर दर्ज किया परिवाद, जांच में खुली पोल

उन्होंने बताया कि एसओजी को एक शिकायत मिली थी. जिसमें बताया गया कि कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर द्वारा आयोजित पीटीआई भर्ती में अनिल पाटीदार ने खुद परीक्षा नहीं देकर डमी अभ्यर्थी बिठाया था. इस परिवाद की जांच एएसपी सोहनलाल जाट को सौंपी गई.
उन्होंने कर्मचारी चयन बोर्ड से अभ्यर्थी के दस्तावेज जुटाए. परीक्षा सेंटर के उपस्थिति पत्र पर अंकित हस्ताक्षर के नमूने और फोटो भी रिकॉर्ड में ली गई. अभ्यर्थी के परीक्षा केंद्र के दस्तखत के नमूनों का वर्तमान हस्ताक्षर से मिलान नहीं हुआ. जांच में सामने आया कि उसने खुद परीक्षा नहीं देकर डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा दी थी..!!
एक साल के कोर्स की डिग्री दो साल की

एसओजी की पड़ताल में सामने आया कि अनिल पाटीदार ने अपने आवेदन पत्र में जेएस यूनिवर्सिटी की बीपीएड डिग्री होने का जिक्र किया था. जबकि दस्तावेज सत्यापन में उसने रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल की डिग्री पेश की. इसमें बीपीएड की डिग्री दो साल की बताई गई, जबकि वास्तव में यह कोर्स एक साल का ही था. पड़ताल में सामने आया कि बैकडेट में डिग्री जारी करने के कारण बीपीएड कोर्स दो साल का बताया गया और आरोपी ने बेईमानी से पीटीआई भर्ती में चयनित होकर लाभ हासिल किया. एसओजी ने रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है.

डमी अभ्यर्थी बिठाकर पास की परीक्षा

इसी प्रकार, एसओजी को एक अन्य शिकायत रिड़मल राम देवासी के खिलाफ मिली थी. जिसमें रिड़मल राम द्वारा डमी अभ्यर्थी बिठाकर पीटीआई भर्ती में चयनित होने का आरोप लगा था. एसओजी ने परिवाद दर्ज कर जांच एएसपी सोहनलाल जाट को सौंपी. जिन्होंने कर्मचारी चयन बोर्ड से अभ्यर्थी के दस्तावेज जुटाए. परीक्षा सेंटर के उपस्थिति पत्र पर अंकित हस्ताक्षर के नमूने और फोटो भी रिकॉर्ड में ली गई. अभ्यर्थी के परीक्षा केंद्र के दस्तखत के नमूनों का वर्तमान हस्ताक्षर से मिलान नहीं हुआ. जांच में सामने आया कि उसने खुद परीक्षा नहीं देकर डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा दी थी.

यूनिवर्सिटी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज

एसओजी की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी ने श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस, भोपाल (मध्यप्रदेश) के प्रशासन से मिलकर फर्जी तरीके से बैकडेट में डिग्री हासिल की. उसने डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की और फर्जी डिग्री के आधार पर चयनित हुआ. उसके खिलाफ आईपीसी और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. इसमें श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस को भी आरोपी बनाया गया है.
एसओजी ने दो दिन तक की थी छापेमारी

उनका का कहना है कि पीटीआई भर्ती-2022 में गड़बड़ी को लेकर एसओजी की जांच जारी है. अब तक की पड़ताल में 67 अभ्यर्थियों की डिग्री श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी की होने की बात सामने आई है. इनमें से 40 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने आवेदन पत्र में किसी और यूनिवर्सिटी की डिग्री होने की जानकारी दी. लेकिन दस्तावेज सत्यापन के समय श्रीसत्य साईं यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की है. पिछले दिनों एसओजी ने यूनिवर्सिटी परिसर सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए थे, जिनकी जांच चल रही है…!!

जयपुर से हेमंत दुबे की रिपोर्ट

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