सरकार ने अब 5वीं बोर्ड परीक्षा में अनिवार्य पास करने के नियम को हटाया,ऑटो प्रमोशन’ को किया खत्म

जयपुर 11 फरवरी 2026

सरकार ने अब 5वीं बोर्ड परीक्षा में अनिवार्य पास करने के नियम को हटाया,ऑटो प्रमोशन’ को किया खत्म

5वीं बोर्ड-परीक्षा में मिनिमम 32 अंक नहीं लाए तो होंगे फेल, दो महीने में फिर मिलेगा एग्जाम का मौका

यह नियम आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से होगा लागू

जयपुर… राजस्थान में 5वीं बोर्ड की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स को अब एग्जाम में मिनिमम मार्क्स लाना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे फेल हो जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योकि सरकार ने अब 5वीं बोर्ड परीक्षा में अनिवार्य पास करने के नियम को हटा दिया है।

शिक्षा विभाग की तरफ से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के नियमों में संशोधन किया है। इसमें ऑटोमेटिक प्रमोशन व्यवस्था को बंद किया गया है। ये नियम आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा।

32 अंक लाना जरूरी, तभी होंगे पास

नए नियमों के मुताबिक स्टूडेंट्स को अब हर विषय में न्यूनतम 32 अंक (नंबर) लाना होगा। अगर किसी सब्जेक्ट में 32 नंबर से कम आते है तो छात्र को सीधे फेल नहीं करके दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा।

45 दिन बाद दोबारा होगा एग्जाम

जिस अभ्यर्थी के परीक्षा में मिनिमम मार्क्स से कम नंबर आते हैं तो उसे 45 दिन के लिए स्पेशल क्लास देकर पढ़ाया जाएगा। उसके बाद उसकी दोबारा परीक्षा ली जाएगी। ये एक तरह से सप्लीमेंट्री एग्जाम की तरह होगा।

दोबारा परीक्षा में अगर अभ्यर्थी उस विषय (जिसमें 32 नंबर से कम आए हो) में अगर 32 नंबर लाता है तो उसे अगली क्लास (क्लास छठीं) में प्रवेश दिया जाएगा। यदि दूसरी बार में भी अभ्यर्थी एग्जाम में निर्धारित मिनिमम मार्क्स नहीं लेकर आता है तो उसे फेल कर दिया जाएगा।

स्कूलों की जवाबदेही होगी

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अगर किसी निजी स्कूल में कोई बच्चा 5वीं में फेल होता है तो उसकी जवाबदेही स्कूल प्रशासन की होगी। प्रशासन उससे कारण पूछेगा कि बच्चा क्यों फेल हुआ। इससे स्कूलों की अकाउंटेबिलिटी तय होगी…!!

जयपुर से हेमंत दुबे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


error: Content is protected !!