कृषक कृषि प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर आय में करें वृद्धि: रंजन

कृषक कृषि प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर आय में करें वृद्धि: रंजन
भरतपुर, 02 मार्च। उद्यान विभाग द्वारा दो दिवसीय हाईटैक उद्यानिकी व मधुमक्खी पालन विषय पर सेमीनार का शुभारम्भ जिला कलक्टर आलोक रंजन के मुख्य आतिथ्य में बुधवार को कृषि परिसर पर हुआ।
सेमीनार का शुभारम्भ करते हुये मुख्य अतिथि जिला कलक्टर रंजन ने किसानों से अपील की कि वे बदलते परिवेश में उद्यानिकी फसलों विशेष रूप से बगीचों की स्थापना कर उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का चयन करते हुये आमदनी बढाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में अन्य लोगों को भी रोजगार दिलायें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता के साथ उच्च तकनीकी से जोडने के लिए पृथक से पहला कृषि बजट प्रस्तुत किया है जिससे किसानों को उच्च तकनीक से जोडने का प्रयास करने के साथ ही अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करायी गयी हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम कृषि बजट में राज्य सरकार द्वारा किसान एवं समूह द्वारा उत्पादन के विक्रय के लिए कृषि प्रसंस्करण ईकाई लगाने पर 50 प्रतिशत अधिकतम 1 करोड़ रूपए तक की राशि का अनुदान भी दिया जायेगा।
जिला कलक्टर रंजन ने किसानों को सलाह दी कि वे किसान उत्पादक समूह (एफपीओ) बनाकर अपने उत्पाद का प्रसंस्करण कर खुद के मार्का से विक्रय करें साथ ही आमदनी में वृद्धि करने हेतु कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिये बैंकों से आर्थिक सहायता प्राप्त कर राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि प्रसंस्करण इकाईयों पर दी जाने वाली 50 प्रतिशत अनुदान राशि प्राप्त करने के लिये किसानों को प्रेरित किया।
उद्यान के सहायक निदेशक जनक राज मीना द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुये दो दिवसीय सेमीनार के बारे में बताया कि इस सेमीनार में कृषि प्रसंस्करण, संरक्षित खेती, स्ट्रॉबेरी की खेती, नैनो यूरिया, मधुमक्खी पालन, कृषि प्रसंस्करण नीति-2019, उद्यानिकी योजनाओं में ऋण प्रबन्धन, फर्टीगेशन तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी किसानों को विशेषज्ञों द्वारा दी जावेगी।
सेमीनार में संयुक्त निदेशक कृषि (तिलहन) देशराज सिंह ने कहा कि किसान भाई अपनी दिनचर्या के साथ-साथ कार्य प्रणाली तथा कार्यशैली में भी बदलाव लायें और धान्य फसलों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भरतपुर जिले की जलवायु में सफलतापूर्वक होने वाली उद्यानिकी फसलों को भी उगायें। डॉ. धर्मपाल सिंह उप निदेशक कृषि ने कहा कि किसान भाई हाईटैक हॉर्टीकल्चर के तहत ग्रीन हाउस, नेट हाउस, लॉ-टनल तथा मल्चिंग जैसी आधुनिक विधाओं को अपनाते हुये उद्यान विभाग की योजनाओं में दिये जा रहे अनुदान का लाभ लें और कम जगह में अधिक उत्पादन प्राप्त कर खुद के साथ-साथ, अपने जिले, राज्य तथा देश के विकास में भागीदार बनें।
सेमीनार के उद्घाटन सत्र में परियोजना निदेशक आत्मा भरतपुर योगेश कुमार शर्मा, सहायक निदेशक उद्यान, खण्ड गणेश मीना, कृषि अधिकारी उद्यान हरेन्द्र सिंह द्वारा भी कृषकों को सम्बोधित किया गया।

ब्यूरो रिपोर्ट भरतपुर।

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