धौलपुर में भाजपा सरकार के कार्यकाल के बीच कांग्रेस में शामिल होने का दौर तेज, आखिर क्यों? राजाखेड़ा विधायक रोहित वौहरा और जिला अध्यक्ष व बसेड़ी विधायक संजय जाटव के नेतृत्व कर रहे हैं कांग्रेस ज्वाइन,
धौलपुर। राजस्थान में भाजपा सरकार का कार्यकाल अभी काफी बाकी है, लेकिन धौलपुर जिले में जमीनी तस्वीर कुछ अलग दिख रही है। जिले के कई गांवों में लोग भाजपा से नाराजगी जताते हुए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। R9 भारत की पड़ताल में इसके पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं।
1. स्थानीय मुद्दों पर नाराजगी –
ग्रामीणों का कहना है कि आम रास्ते, गौचर, पोखर पर अतिक्रमण, खाद-बीज, मंडी में अवैध आढ़त और पटवारी-तहसील स्तर पर काम न होने की शिकायतें लंबे समय से हैं। लोगों को लगता है कि सुनवाई नहीं हो रही।
2. भाजपा में गुटबाजी हावी –
धौलपुर जिले में भाजपा के अंदर ही कई गुट सक्रिय हैं। टिकट और संगठन में अपनी नहीं चलने से कई कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और विकल्प के तौर पर कांग्रेस की ओर देख रहे हैं।
3. कांग्रेस का सक्रिय सदस्यता अभियान –
पिछले 2-3 महीनों में कांग्रेस ने राजाखेड़ा, बसेड़ी और धौलपुर ग्रामीण में बूथ स्तर पर सदस्यता अभियान तेज किया है। युवाओं और पूर्व सरपंचों को जोड़ने पर फोकस है।
4. किसान और युवा वर्ग में असंतोष –
कुछ क्षेत्रों में किसानों को फसल का उचित दाम न मिलना, युवाओं में रोजगार को लेकर नाराजगी भी एक वजह बताई जा रही है।
हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार की योजनाएं जैसे पीएम किसान सम्मान, जल जीवन मिशन और सड़कों के काम जमीन पर हो रहे हैं और आने वाले समय में इसका लाभ दिखेगा। ये सदस्यता ग्रहण करने वाले लोग व्यक्तिगत स्वार्थ या टिकट की दौड़ के कारण दल बदल रहे हैं।
कुल मिलाकर धौलपुर में 2028 से पहले ही सियासी जमीन तैयार होने लगी है। जनता विकास और सुनवाई चाहती है, जो देगा, उसी के साथ जाएगी।