नासिक की एक IT कंपनी के छह कर्मचारियों के खिलाफ यौन अपराध के 9 मामलों की जांच जारी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने शुक्रवार इनमें से एक मामले में कंपनी की एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM-HR) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि एचआर ने महिला कर्मचारी की शिकायत को नज़रअंदाज़ करके आरोपी कर्मचारियों की मदद की।
सात महिला पुलिस अधिकारियों ने भेष बदलकर नाशिक की एक मल्टी-नेशनल कंपनी में प्रवेश किया। उन्होंने यौन उत्पीड़न के एक मामले में मुख्य आरोपी को महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इस खुलासे के बाद कई गिरफ्तारियां हुईं। जब ये महिला अधिकारी कंपनी के अंदर चल रही एक मीटिंग में पहुंचीं, तो आरोपी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अनुचित व्यवहार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस फिलहाल आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के लिए 40 से अधिक CCTV फुटेज क्लिप्स की जांच कर रही है।
मल्टी-नेशनल कंपनी में पिछले चार वर्षों से महिला कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है। यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों में छह लोगों के खिलाफ नौ मामले दर्ज किए गए हैं। इन आरोपियों में टीम लीडर और कंपनी का एचआर भी शामिल हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं की उम्र आम तौर पर 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
इस मामले में नौ FIR दर्ज की गई हैं। लगाए गए आरोपों में यौन उत्पीड़न, शादी का वादा करके बार-बार शारीरिक संबंध बनाना, जबरन धर्म परिवर्तन का प्रयास और धार्मिक अपमान शामिल हैं। इसके तहत कर्मचारियों को नमाज़ पढ़ने और मांसाहारी भोजन करने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने एक बयान में कहा कि जब शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं के बारे में कंपनी के हेड ऑफिसर से बार-बार मौखिक शिकायतें कीं, तो उन्होंने छेड़छाड़ से जुड़ी उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बजाय उन्हें काम को लेकर साइडलाइन कर दिया गया