ईमानदारी की मिसाल: बस कंडक्टर नागरिक सुरक्षा स्वय सेवक ने यात्री को लौटाया पर्स
आज के दौर में जहाँ लोग छोटी-छोटी चीजों के लिए अपनी नीयत बदल लेते हैं, वहीं अमित घाटीवाल बस कंडक्टर ने ईमानदारी का दिया परिचय
मिली जानकारी के अनुसार, यात्री मेघा अग्रवाल निवासी पोखरा कॉलोनी बसेड़ी बस बसेड़ी से धौलपुर वाली बस Rj 11 1854 से सफर कर रहे थी । उतरते समय जल्दबाजी में उनका पर्स सीट पर ही गिर गया। पर्स में नकदी, एटीएम कार्ड और जरूरी पहचान पत्र मौजूद थे।
बस के अंतिम स्टॉप धौलपुर पर पहुँचने के बाद जब कंडक्टर अमित घाटीवाल ने बस की सीटो को देखा तो उन्हें लावारिस हालत में पर्स मिला।
कंडक्टर अमित घाटीवाल की तत्परता दिखाते हुए
कंडक्टर ने बिना समय गंवाए पर्स में रखे दस्तावेजों के आधार पर यात्री का संपर्क नंबर निकाला और उन्हें फोन पर सूचित किया। जब यात्री को अपना खोया हुआ पर्स वापस मिला, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
“मुझे उम्मीद नहीं थी कि आज के जमाने में कोई इतनी ईमानदारी दिखाएगा। मेरे लिए पर्स से ज्यादा उसमें रखे दस्तावेज जरूरी थे।” — मेघा अग्रवाल। संवाददाता ब्यूरो चीफ धौलपुर मनोज राघव