प्रयत्न संस्था धौलपुर द्वारा संचालित परियोजना कवच एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,

धौलपुर
प्रयत्न संस्था धौलपुर द्वारा संचालित परियोजना कवच एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धौलपुर के संयुक्त तत्वाधान में नालसा स्कीमों, आदर्श बाल संरक्षण इकाई स्थापित हेतु डीसीपीसी सदस्यों का प्रशिक्षण एवं वरिष्ठ नागरिकों के संबंध में एडीआर परिसर धौलपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

 

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा प्रेषित एक्शन प्लान की पालना में तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धौलपुर संजीव मागो के निर्देशानुसार/मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, धौलपुर एवं प्रयत्न संस्था धौलपुर द्वारा संचालित परियोजना कवच के संयुक्त तत्वाधान में आज दिनांक 11.02.2026 को नालसा आशा (जागरुकता समर्थन सहायता और कार्यवाही) मानक संचालन प्रक्रिया एवं जिले में एक आदर्श बाल संरक्षण इकाई स्थापित करने हेतु बाल सुरक्षा एवं संरक्षण के मुद्दों एवं संबंधित कानूनों की ओर अग्रसर 2025 एवं वरिष्ठ नागरिकों के संबंध में आज दिनांक 11.02.2026 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर के मीटिंग हॉल में अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत सुरेश प्रकाश भट्ट, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर रेखा यादव, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक हवा सिह, न्यायिक मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड नीतू एवं अध्यक्ष बाल कल्याण समिति मधु शर्मा की अध्यक्षता में मां सरस्वति की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर एवं माला अर्पण कर किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत सुरेश प्रकाश भट्ट ने बताया कि माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु न्याय आपके द्वार लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ और त्वरित समाधान अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से लोक उपयोगी सेवाओं (जैसे बिजली, पानी, परिवहन, डाक, बीमा, टेलीफोन, नगर निकाय, बैंककारी और वित्तीय संस्थाएं, आवासीय सेवाएं, लिकवीफाइड पेट्रोलियम गैस सेवाएं, शैक्षिक या शैक्षिणिक संस्थाएं, आवास और भू-संपदा सेवाएं) से जुड़ी शिकायतें सरल और निःशुल्क तरीके से सुनी जाती हैं। यह विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत स्थापित एक स्थायी संस्था है, जो हर जिले में काम करती है।
इस अवसर पर सचिव रेखा यादव द्वारा उपस्थित लोगों को बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाज के संवेदनशील एवं वंचित वर्गों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों को प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न विशेष योजनाएँ चलाई जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य न केवल निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन एवं बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है। इन योजनाओं के अंतर्गत नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना, 2016 चलाई जा रही है। जिसका उद्देश्य 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श एवं वाद पैरवी प्रदान की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण, संपत्ति सुरक्षा, उपेक्षा एवं उत्पीड़न से संरक्षण दिलाना है साथ ही नालसा आशा (जागरुकता समर्थन सहायता और कार्यवाही) मानक संचालन प्रक्रिया-बाल विवाह मुक्ति की ओर अग्रसर 2025 योजना है जिसका उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम, पीड़ित बच्चों का संरक्षण एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत बाल विवाह की सूचना पर त्वरित कानूनी कार्यवाही, पीड़ित बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता, प्रशासन एवं बाल संरक्षण इकाइयों के साथ समन्वय तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किए जाते हैं।
सचिव ने बताया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की सूचना तुरंत प्रशासन अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण क्स्ै। को दें तथा वरिष्ठ नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें। न्याय, सुरक्षा और गरिमा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करने हेतु नालसा निरंतर प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर अध्यक्ष बाल कल्याण समिति मधु शर्मा ने बताया कि बाल कल्याण समिति का कार्य किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अंतर्गत बच्चों के संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास से जुड़ा होता है। अध्यक्ष समिति के प्रमुख होते हैं और बच्चों के हित में निर्णय लेते हैं आदि के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड नीतू ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड का गठन किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत किया जाता है। इसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चों के मामलों की सुनवाई करना है जो कानून के साथ संघर्ष (अपराध) में आए हों। किशोर न्याय बोर्ड क्या है आदि के बारे में बताया।
प्रयत्न संस्था के परियोजना अधिकारी रजनी जैन व बाल कल्याण अधिकारी विजेंद्र कटारिया द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य एवं संस्था द्वारा संचालित परियोजना कवच की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
श्री राजकुमार पालीवाल सिआरसी (बाल संरक्षण विशेषज्ञ) जयपुर ने बाल संरक्षण के संपूर्ण मुद्दों को कवर करते हुए उपस्थित सभी सहभागियों को मिशन वात्सल्य की विस्तृत दिशा-निर्देश पर समतावर्धन किया गया साथ ही बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों जैसे किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1989, संशोधित 2016, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, बाल संरक्षण अधिकार आयोग 2005 आदि कानूनों पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें श्री पालीवाल द्वारा उक्त कानूनों पर सहभागियों का समतावर्धन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रयत्न संस्था के परियोजना अधिकारी रजन जैन द्वारा उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। संवाददाता ब्यूरो चीफ धौलपुर

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