जब-जब हिंदू समाज कमजोर और विभाजित हुआ, तब-तब भारत कमजोर हुआ – अशोक सक्सैना

हिन्दू सम्मेलन सम्पन्न

जब-जब हिंदू समाज कमजोर और विभाजित हुआ, तब-तब भारत कमजोर हुआ – अशोक सक्सैना

 

धौलपुर। शहर में माधव बस्ती के औडेला रोड स्थित सेंट कोनार्ड स्कूल में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व जिला जज अशोक सक्सैना ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया, वहीं संत पागल बाबा, कबीर आश्रम के संत अमृत साहेब, आर्य समाज की महिला प्रधान शारदा आर्य एवं संत सेवाराम ने अतिथि रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अपने आशीर्वचन में संत पागल बाबा ने सनातन धर्म और हिंदुत्व को भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक आधार के रूप में प्रस्तुत करते हुए उसकी राष्ट्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला वहीं अमृत साहेब ने हिंदू समाज से जातिवाद के बंधन को तोड़ने की अपील की। शारदा आर्य ने भी हिंदू एकता पर बल दिया। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए अशोक सक्सैना ने कहा कि इतिहास में जब-जब हिंदू समाज कमजोर और विभाजित हुआ, तब-तब भारत कमजोर हुआ। उन्होंने पाकिस्तान, बांग्‍लादेश और श्रीलंका को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह सब विभाजन के परिणामस्वरूप पैदा हुए। उन्होंने महर्षि अरविंद के उद्धरण को दोहराते हुए कहा, “सनातन गिरेगा तो भारत गिरेगा, और सनातन उठेगा तो भारत उठेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म का संगठन महज धार्मिक या सांस्कृतिक आवश्यकता नहीं है। यह भारत को एक सशक्त राष्ट्र और विश्व में मार्गदर्शक बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और हिंदुत्व न केवल भारत की आत्मा हैं, बल्कि वैश्विक कल्याण की भावना भी उसी में निहित है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व की मूल भावना ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ पर आधारित है, जो पूरे विश्व के कल्याण की कामना करता है। यह एक समावेशी विचारधारा है, जो किसी भेदभाव को स्थान नहीं देती और सबके सुख की आकांक्षा रखती है। उन्होंने युवाओं में हिंदुत्व के मूल्य, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग ही राष्ट्र का भविष्य है और उन्हें विचार, आचरण और कर्तव्य के प्रति सजग बनाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सनातन और हिंदुत्व के पांच आधार स्तंभ- सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और ‘स्व’ आधारित जीवन शैली का उल्लेख करते हुए इन्हें समाज संगठन की दिशा में आवश्यक बताया। उन्होंने समाज को इन मूल्यों पर संगठित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद त्यागी ने किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने सनातन धर्म आधारित सेवा व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। संवाददाता ब्यूरो चीफ धौलपुर

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